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स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन को उचित कदम उठाएं: डीसी
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक, पशु पालन विभाग के अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक क?
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। डीसी डॉ. निपुण जिंदल ने कांगड़ा जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों, पशु चिकित्सा संस्थानों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को डॉ. निपुण जिंदल ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्वास्थ्य, आयुर्वेदिक, पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक भी आयोजित की।
डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से पहले ही बायो मेडिकल कचरा के कारगर प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हीं आदेशों के आधार पर जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है।
कहा कि जिन स्थानों पर आयुर्वेदिक औषधालय, पशु औषधालय आदि एक ही जगह पर हैं, वहां पर संयुक्त तौर भी बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन की दिशा में कार्य किया जा सकता है। इसके लिए आयुर्वेदिक, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तथा बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है।
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इस अवसर पर सीएमओ डॉ. गुरदर्शन गुप्ता, प्रिंसिपल टांडा मेडिकल कॉलेज भानु अवश्थी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, आयुर्वेदिक तथा पशु पालन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की ओर से पहले ही बायो मेडिकल कचरा के कारगर प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हीं आदेशों के आधार पर जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है।
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कहा कि जिन स्थानों पर आयुर्वेदिक औषधालय, पशु औषधालय आदि एक ही जगह पर हैं, वहां पर संयुक्त तौर भी बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन की दिशा में कार्य किया जा सकता है। इसके लिए आयुर्वेदिक, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तथा बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है।
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इस अवसर पर सीएमओ डॉ. गुरदर्शन गुप्ता, प्रिंसिपल टांडा मेडिकल कॉलेज भानु अवश्थी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, आयुर्वेदिक तथा पशु पालन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।