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Kangra News: धर्मशाला में गर्ल्स स्कूल नहीं होगा मर्ज, सरकार ने वापस लिया फैसला
Sat, 25 Apr 2026 07:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 25 Apr 2026 07:21 AM IST
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छात्राओं और अभिभावकों के विरोध का असर, अब अलग-अलग संचालित होंगे बॉय और गर्ल्स स्कूल
एक स्कूल सीबीएसई, तो एक स्कूल एचपी बोर्ड से होगा संबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या स्कूल धर्मशाला अब बॉय स्कूल में मर्ज नहीं होगा। प्रदेश सकार ने इस स्कूल के मर्ज करने की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूल मर्ज करने को लेकर पहले लिए फैसले में बड़ा बदलाव करते हुए उसे रद्द कर दिया है।
नई अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लड़कों और लड़कियों के स्कूलों को मिलाकर एक करने का निर्णय वापस ले लिया है। सरकार ने पूर्व में नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा में स्थित सरकारी बॉय और गर्ल्स स्कूलों को मर्ज कर सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) स्कूल बनाने का फैसला लिया था, लेकिन अब इसे निरस्त कर दिया गया है। अब सभी स्कूल पहले की तरह अलग-अलग ही संचालित होंगे।
इस फैसले के पीछे छात्राओं और अभिभावकों का विरोध भी अहम माना जा रहा है। मर्जर के विरोध में छात्राओं और अभिभावकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था और स्कूलों को अलग रखने की मांग उठाई थी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्थान पर एक स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा, जबकि दूसरा स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़ा रहेगा। हालांकि दोनों स्कूलों में सह-शिक्षा प्रणाली लागू होगी।
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अधिसूचना के अनुसार एचपी बोर्ड से संबद्ध स्कूल हाई स्कूल (10वीं तक) संचालित होगा, जबकि सीबीएसई से संबद्ध स्कूल सीनियर सेकेंडरी (12वीं तक) तक की शिक्षा देगा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशक को सौंपी है। उपलब्ध आधारभूत ढांचे और संसाधनों के आकलन के बाद तय किया जाएगा कि किस भवन में कौन सा स्कूल चलेगा।
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एक स्कूल सीबीएसई, तो एक स्कूल एचपी बोर्ड से होगा संबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या स्कूल धर्मशाला अब बॉय स्कूल में मर्ज नहीं होगा। प्रदेश सकार ने इस स्कूल के मर्ज करने की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूल मर्ज करने को लेकर पहले लिए फैसले में बड़ा बदलाव करते हुए उसे रद्द कर दिया है।
नई अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर लड़कों और लड़कियों के स्कूलों को मिलाकर एक करने का निर्णय वापस ले लिया है। सरकार ने पूर्व में नूरपुर, धर्मशाला, सरकाघाट और देहरा में स्थित सरकारी बॉय और गर्ल्स स्कूलों को मर्ज कर सह-शिक्षा (को-एजुकेशनल) स्कूल बनाने का फैसला लिया था, लेकिन अब इसे निरस्त कर दिया गया है। अब सभी स्कूल पहले की तरह अलग-अलग ही संचालित होंगे।
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इस फैसले के पीछे छात्राओं और अभिभावकों का विरोध भी अहम माना जा रहा है। मर्जर के विरोध में छात्राओं और अभिभावकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था और स्कूलों को अलग रखने की मांग उठाई थी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्थान पर एक स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा, जबकि दूसरा स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़ा रहेगा। हालांकि दोनों स्कूलों में सह-शिक्षा प्रणाली लागू होगी।
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अधिसूचना के अनुसार एचपी बोर्ड से संबद्ध स्कूल हाई स्कूल (10वीं तक) संचालित होगा, जबकि सीबीएसई से संबद्ध स्कूल सीनियर सेकेंडरी (12वीं तक) तक की शिक्षा देगा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों के संचालन को लेकर अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी शिक्षा निदेशक को सौंपी है। उपलब्ध आधारभूत ढांचे और संसाधनों के आकलन के बाद तय किया जाएगा कि किस भवन में कौन सा स्कूल चलेगा।