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Kangra News: धर्मशाला से तपोवन तक जगमग, वार्ड-5 में व्यवस्था की अंधेरगर्दी
Mon, 01 Dec 2025 07:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 01 Dec 2025 07:54 AM IST
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धर्मशाला में वार्ड पांच में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद
धर्मशाला। सरकार की ओर घोषित शीतकालीन राजधानी और स्मार्ट सिटी धर्मशाला इन दिनों एक शहर दो रंग की अजीब दास्तान पेश कर रहा है। तपोवन में चल रहे विधानसभा के शीत सत्र के कारण पूरा मुख्य शहर और नेताओं के मार्ग रंग-बिरंगी लाइटों से नहाए हुए हैं। इससे आभास होता है कि धर्मशाला जगमग हो उठा है। मगर इसी शहर के वार्ड नंबर-5 (गमरू-दाड़नू क्षेत्र) के लोग घने अंधेरे में रास्ता ढूंढ रहे हैं।
पिछले कई महीनों से वार्ड नंबर-5 (गमरू-दाड़नू क्षेत्र) के लगभग एक किलोमीटर लंबे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। दाड़नू के लोगों ने व्यवस्था की इस उपेक्षा पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रीतम सिंह, निक्कू, राकेश, देश राज और अन्य निवासियों ने कहा कि वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है। बरातें और दूर-दराज से आए मेहमान अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। प्रीतम चंद के घर से लेकर निक्कू घोड़े वाले के घर तक का पूरा क्षेत्र रात में घुप अंधेरे में डूब जाता है।
उन्होंने कहा कि यह विडंबना ही है कि नेता कुछ दिनों के लिए शहर में आए हैं। उनके लिए हजारों खर्च कर शहर को रोशन कर दिया गया है, लेकिन जो यहां के स्थायी नागरिक हैं, उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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304 में से 150 पोल लगे, उनमें भी अधिकतर खराब
वार्ड नंबर 5 (गमरू) की पार्षद इस मामले को लेकर स्मार्ट सिटी प्रशासन पर भी सवाल उठाती हैं। पार्षद के अनुसार स्मार्ट सिटी योजना के तहत वार्ड-5 के लिए 304 स्ट्रीट लाइटों के पोल स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अभी तक केवल 150 पोल ही लगाए गए हैं। लगाए गए 150 पोल में से भी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं या जली नहीं हैं। पार्षद ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए स्मार्ट सिटी आयुक्त और एसडीओ दोनों को लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी हैं।
लोग रोज शिकायत लेकर मेरे पास आ रहे हैं। मैं स्मार्ट सिटी आयुक्त और एसडीओ को कई-बार सूचित कर रही हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अंधेरा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है और विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है।
-राज कुमारी, वार्ड नंबर पांच गमरू, पार्षद
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पिछले कई महीनों से वार्ड नंबर-5 (गमरू-दाड़नू क्षेत्र) के लगभग एक किलोमीटर लंबे क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग ने आंखें मूंद रखी हैं। दाड़नू के लोगों ने व्यवस्था की इस उपेक्षा पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। प्रीतम सिंह, निक्कू, राकेश, देश राज और अन्य निवासियों ने कहा कि वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है। बरातें और दूर-दराज से आए मेहमान अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। प्रीतम चंद के घर से लेकर निक्कू घोड़े वाले के घर तक का पूरा क्षेत्र रात में घुप अंधेरे में डूब जाता है।
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उन्होंने कहा कि यह विडंबना ही है कि नेता कुछ दिनों के लिए शहर में आए हैं। उनके लिए हजारों खर्च कर शहर को रोशन कर दिया गया है, लेकिन जो यहां के स्थायी नागरिक हैं, उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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304 में से 150 पोल लगे, उनमें भी अधिकतर खराब
वार्ड नंबर 5 (गमरू) की पार्षद इस मामले को लेकर स्मार्ट सिटी प्रशासन पर भी सवाल उठाती हैं। पार्षद के अनुसार स्मार्ट सिटी योजना के तहत वार्ड-5 के लिए 304 स्ट्रीट लाइटों के पोल स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अभी तक केवल 150 पोल ही लगाए गए हैं। लगाए गए 150 पोल में से भी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब हो चुकी हैं या जली नहीं हैं। पार्षद ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए स्मार्ट सिटी आयुक्त और एसडीओ दोनों को लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी हैं।
लोग रोज शिकायत लेकर मेरे पास आ रहे हैं। मैं स्मार्ट सिटी आयुक्त और एसडीओ को कई-बार सूचित कर रही हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अंधेरा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है और विभाग पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है।
-राज कुमारी, वार्ड नंबर पांच गमरू, पार्षद

धर्मशाला में वार्ड पांच में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद