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Kangra News: कथूल कूहल में पानी न आने से छलका किसानों का दर्द

Thu, 07 Nov 2024 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:56 PM IST
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Farmers' pain spread due to lack of water in Kathul Kuhal
विधायक विपिन सिंह के समक्ष रखीं मांगों पर विभाग ने मांगी कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुलह /पालमपुर(कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र सुलह के गांव दरंग, घनैटा, चाहडखोला, धोरण और ब्रांकड के खेतों को सींचने वाली कथूल कूहल में पानी न आने से इलाके के किसान परेशान हैं। इसको लेकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार सुबह सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार के निवास स्थान सुलह स्थित ननाओं में उनसे मुलाकात कर कुछ मांगों को रखकर विभाग की ओर से उन पर कार्रवाई मांगी। किसानों ने कहा कि कथूल कूहल में चमोटू से लेकर 61 मील चाहडखोला तक 6700 मीटर 16 इंच का पाइप बिछाया गया लेकिन फिर भी पानी की बहाली सुनिश्चित नहीं हुई। पाइपों के जोड़ जगह-जगह पर टूटते गए। इनकी मरम्मत करने के बाद भी सफलता नहीं मिली। भूमिगत पाइपों की 4.60 करोड़ की योजना का कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने मांग उठाई कि पावर प्रोजेक्ट से लेकर चमोटू तक कथूल कूहल पालमपुर मंडल के अधीन है। चमोटू से लेकर ब्रांकड तक थुरल मंडल के अधीन है चूंकि इस कूहल के लाभार्थी दरंग, चेली, चाहडखोला, धोरण, घनैटा तथा ब्रांकड के किसान हैं। इसलिए यह पूरी कूहल थुरल मंडल के अधीन की जाए। इसके साथ ही जब तक कूहल में पानी की बहाली न हो, तब तक 61 मील से लेकर ब्रांकड तक विभाग की ओर से कोई भी निर्माण कार्य न किया जाए। उन्होंने यह मांग भी रखी कि दरंग तथा धोरण गांवों के लिए पीने के पानी की पाइप भी कथूल कूहल में अस्थायी तौर पर डाली गई है जिससे सिंचाई का पानी अवरूद्ध होता है। अगर सिंचाई के लिए पानी छोड़ते हैं तो पीने का पानी बंद हो जाता है और दोनों पंचायतों को पीने के पानी की समस्या होती है। पीने के पानी की पाइप को हमारे वास्तविक उद्गम स्रोत में जोड़ा जाए।

2020 में मैंने हिमाचल प्रदेश सरकार से कथूल कूहल के निर्माण के लिए पाइप के माध्यम से पानी पहुंचाने का बजट स्वीकृत करवाया था लेकिन दुर्भाग्यवश पानी की एक भी बूंद इन किसानों के खेतों तक नहीं पहुंची। विधानसभा सत्र में भी जल शक्ति मंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने इस पर तहकीकात करने का आश्वासन भी दिया था। 11 नवंबर को कथूल कूहल का स्वयं पैदल चल कर निरीक्षण करेंगे तथा इसके पानी के स्रोत को देखेंगे। -विपिन सिंह परमार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक सुलह।
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