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किसान बिलों की तर्ज पर वापस हो बिजली कानून 2021

Sat, 20 Nov 2021 08:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 08:36 PM IST
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Farmers back on the lines of laws
नगरोटा बगवां में अपने संस्थापक अध्यक्ष स्व. ओपी भारद्वाज को श्रद्धांजलि देते हि. प्र. राज्य विद्य - फोटो : Kangra
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने किसानों को उनकी कामयाबी पर बधाई दी है। उन्होंने केंद्र सरकार से संसद में चर्चा के लिए लंबित बिजली कानून 2021 को वापस लेने की मांग की है।
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शनिवार को यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष स्व. ओपी भारद्वाज की 39वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शिरकत करने पहुंचे खरवाड़ा ने केंद्र सरकार से नई पेंशन प्रणाली को तुरंत खत्म कर सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम में लाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पढ़े लिखे बेरोजगारों के साथ आउटसोर्स के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। एक ओर जहां इनके ठेकेदार इनसे काटा जाने वाले ईपीएफ और ईएसआई का गबन कर करोड़ों रुपये डकार रहे हैं, वहीं कोई स्थायी नीति न होने से इस वर्ग का भविष्य अधर पर लटका है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मियों का वेतन बढ़ाने के अतिरिक्त इनके बेहतर भविष्य पर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि अधिकतर आउटसोर्स कर्मी 9-10 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके हैं। उन्होंने प्रबंधक वर्ग को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बोर्ड प्रबंधक वर्ग कर्मचारियों की समस्याओं का निवारण करने में विफल रहा है। लंबे समय से यूनियन की ओर से रखी गई मांगों पर चर्चा न होने से कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मसले लंबित पड़े हैं। बोर्ड में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) और अकाउंट्स, जूनियर टी मेट, जूनियर हेल्पर की अगली पदोन्नति के बारे में सेवा नियम बनाना और संशोधन के मसले कई सालों से लंबित पड़े हैं।
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उन्होंने विद्युत उपकेंद्रों के रखरखाव के कार्यों को ठेके पर देने का भी पुरजोर विरोध किया। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि लंबित मांगों का निवारण न होने से कर्मचारियों में रोष है। यदि यूनियन के साथ इन मांगों पर प्रबंधक वर्ग समय रहते नियमित बैठक नहीं बुलाता तो यूनियन को मजबूरन आंदोलन पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने प्रबंधक वर्ग को चेताया कि यदि जल्द बैठक नहीं बुलाई जाती तो यूनियन विधानसभा के धर्मशाला में प्रस्तावित शीतकालीन सत्र में विरोध प्रदर्शन करेगी।
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