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Kangra News: पहाड़ भी तपे, लोगों का घर से निकलना हुआ मुश्किल
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धर्मशाला/ज्वालामुखी (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा में बुधवार को सबसे अधिक गर्मी रही। दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। लोगों को पसीने से तर होना पड़ा। लोग सारा दिन घरों में दुबके रहे। बाजार में भी बहुत कम लोग नजर आए। कई बड़े बाजारों में दिनभर सन्नाटा रहा। जिस तरह से पहाड़ गर्मी से तप रहे हैं, इससे लोगों की दिक्कतें बढ़ती नजर आ रही हैं। उधर, ज्वालामुखी और खुंडियां के आसपास के क्षेत्र में वन संपदा के जलने से तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिससे आम जनमानस बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। तापमान बढ़ने से जहां लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं वन संपदा के जलने से सरकार का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है और वही निर्दोष जीव जंतुओं को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। कुछ स्वार्थी किस्म के लोग जंगलों को आग की भेंट चढ़ाने से गुरेज नहीं करते हैं ऐसे लोगों के खिलाफ वन विभाग को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि वन संपदा और निर्दोष जीव जंतुओं की जान की रक्षा हो सके।
ज्वालामुखी के काली धार पहाड़ी के जंगलों, सुरानी, सलिहार और साथ लगते क्षेत्रों में जंगलों की आग ने भारी तबाही मचाई है। यही कारण है कि तापमान में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है। जिससे आम जनजीवन में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और वन विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि वनों की रक्षा के लिए समय रहते नई योजनाएं जन सहयोग से बनाई जाए ताकि वन संपदा को बचाया जा सके। सुरानी पंचायत के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह राणा ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ने जंगल की आग को नियंत्रित करने के लिए काफी मेहनत की है, जिसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए। साथ ही फायर ब्रिगेड वालों ने भी अपनी ताकत दिखाई है और जब कभी भी उन्हें बुलाया गया है वह तुरंत पहुंचे हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों से मांग की है कि जंगलों को बचाने के लिए योजनाएं बनाई जाए ताकि वन संपदा और जीव जंतुओं की जान की रक्षा की जा सके।
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ज्वालामुखी के काली धार पहाड़ी के जंगलों, सुरानी, सलिहार और साथ लगते क्षेत्रों में जंगलों की आग ने भारी तबाही मचाई है। यही कारण है कि तापमान में अचानक भारी बढ़ोतरी हुई है। जिससे आम जनजीवन में लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार और वन विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि वनों की रक्षा के लिए समय रहते नई योजनाएं जन सहयोग से बनाई जाए ताकि वन संपदा को बचाया जा सके। सुरानी पंचायत के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह राणा ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ने जंगल की आग को नियंत्रित करने के लिए काफी मेहनत की है, जिसके लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए। साथ ही फायर ब्रिगेड वालों ने भी अपनी ताकत दिखाई है और जब कभी भी उन्हें बुलाया गया है वह तुरंत पहुंचे हैं। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों से मांग की है कि जंगलों को बचाने के लिए योजनाएं बनाई जाए ताकि वन संपदा और जीव जंतुओं की जान की रक्षा की जा सके।
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