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Kangra News: आर्मी स्कूल में आधुनिक शिक्षा पद्धतियों पर दिया जोर
Fri, 22 May 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 22 May 2026 11:35 PM IST
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योल (कांगड़ा)। आर्मी पब्लिक स्कूल योल में शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 18 से 22 मई तक चले इस 25 घंटे के प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की कार्यकुशलता को बढ़ाना और उन्हें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह ने किया। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक ढांचों पर चर्चा की गई। बाल सुरक्षा, मूल्य शिक्षा, समावेशी शिक्षा और 21वीं सदी के कौशल जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
सत्रों में शिक्षकों को व्यावहारिक गतिविधियों और नवीन शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सके। एचआर आदित्य शर्मा और दीप्ति शर्मा ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की और प्रशिक्षण कार्यक्रम को शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह ने किया। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक ढांचों पर चर्चा की गई। बाल सुरक्षा, मूल्य शिक्षा, समावेशी शिक्षा और 21वीं सदी के कौशल जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
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सत्रों में शिक्षकों को व्यावहारिक गतिविधियों और नवीन शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा सके। एचआर आदित्य शर्मा और दीप्ति शर्मा ने विभिन्न सत्रों का संचालन किया और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की और प्रशिक्षण कार्यक्रम को शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया।
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