फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Eight panchayats were linked to Municipal Corporation, but facilities were forgotten.

Kangra News: आठ पंचायतों को नगर निगम से जोड़ा, सुविधाएं देना भूले

Sat, 02 Nov 2024 12:29 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2024 12:29 AM IST
विज्ञापन
Eight panchayats were linked to Municipal Corporation, but facilities were forgotten.
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला को बने हुए नौ साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक मर्ज एरिया में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं। नगर निगम के बाद धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा भी मिला, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं। वर्ष 2015 से पूर्व धर्मशाला नगर परिषद थी। प्रदेश सरकार ने इसे नगर निगम बनाने की घोषणा की और इसमें नगर परिषद के आसपास की आठ पंचायतों को नगर निगम में शामिल कर दिया। इसमें ग्राम पंचायत खनियारा, अपर दाड़ी, गबली दाड़ी, सिद्धपुर, सकोह, जटेहड़, बड़ोल और मंत प्रमुख रूप से शामिल हैं, लेकिन पिछले आठ साल से न तो अभी तक स्ट्रीट लाइटों को लगाने का काम पूरा हो पाया है और न ही इन मर्ज पंचायत क्षेत्र में फुटपाथ का कार्य पूरा हुआ।
विज्ञापन

खास बात तो यह है कि मर्ज एरिया में सीवरेज सुविधा का कोई अता-पता तक नहीं। लोग अभी तक सेप्टिक टैंकों का इस्तेमाल क रहे हैं। खास बात तो यह है कि मर्ज एरिया में अभी भी जो नए निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां भी सेप्टिक टैंक ही बनाए जा रहे हैं। पेयजल योजनाओं को स्तरोन्नयन करने का कार्य भी नहीं हो पाया। गर्मियों के मौसम में पेयजल संकट पैदा होने से लोग परेशान होते हैं।
विज्ञापन


बाक्स:

यह कह रहे हैं स्थानीय बाशिंदे-



नगर निगम से तो ग्राम पंचायत ही सही थी, क्योंकि नगर निगम बनने का कोई लाभ लोगों को नहीं मिल रहा। निगम बनने के आठ साल बाद भी सीवरेज लाइन तक का प्रस्ताव तक नहीं बना पाया। स्ट्रीट लाइटों और फुटपाथ का कार्य भी अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


-पंकज राणा, वार्ड नंबर-15, खनियारा निवासी



सीवरेज योजना नहीं है। रास्तों में गंदगी पड़ी रहती है। जो कि स्मार्ट सिटी में स्वच्छता के दावों की पोल खोल रही है। अगर पंचायत एरिया को नगर निगम में मिलाया है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए।

-सुनील धीमान, वार्ड नंबर आठ, नगर निगम



नगर निगम में साफ-सफाई और सीवरेज योजना बहुत जरूरी होती है, लेकिन अगर आठ साल के बाद भी सीवरेज योजना का लाभ नहीं मिल रहा तो कहीं न कहीं यह नगर निगम की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करता है।

-विक्रांत जम्वाल, सिद्धपुर



नगर निगम टैक्स वसूलने की बातें करता है, लेकिन आज तक लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पाई हैं। गर्मियों में पानी का संकट हो जाता है। बरसात में रास्तों में पानी जमा हो जाता है। निकासी नालियों की कोई सुध नहीं ली जा रही। सीवरेज और स्ट्रीट लाइटों पर भी काम नहीं हो पाया।

-संजीव धर, वार्ड नंबर-09 सकोह, नगर निगम।



कोट्स:

नगर निगम के मर्ज एरिया में सीवरेज की सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन इस योजना के लिए बजट की व्यवस्था चाहिए। शुरू में इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल किया जा सकता था, लेकिन न जाने किन कारणों से यह छूट गया। जलशक्ति विभाग को इस मामले में उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है। इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया गया है।


-जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला



विभाग ने मर्ज एरिया में सीवरेज योजना की डीपीआर बनाकर नगर निगम धर्मशाला को सौंपी है। अब नगर निगम बजट के लिए आगे शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजेगा। बजट स्वीकृत होने के बाद ही सीवरेज योजना पर काम हो पाएगा।

-सुमित विमल कटोच, अधिशासी अभियंता, जलशक्ति विभाग, धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed