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Kangra News: पेंशनरों को एरियर-महंगाई भत्ते का भुगतान करे शिक्षा बोर्ड प्रशासन, संघ ने उठाई मांग
Mon, 05 Jan 2026 03:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 03:40 PM IST
सार
उन्होंने बोर्ड प्रशासन से मांग की है कि 70 वर्ष या इससे ऊपर लगभग 150 पेंशनरों को 50 प्रतिशत एरियर भुगतान और महंगाई भत्ते की 3 प्रतिशत किस्त के एरियर के भुगतान को शीघ्र जारी किया जाए।
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पेंशन
- फोटो : एडोव
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रशासन 70 वर्ष या इससे ऊपर के पेंशनरों को एरियर और महंगाई भत्ते का भुगतान करे। जीवन के अंतिम पड़ाव में पेंशनर कई प्रकार की दिक्कतें झेल रहे हैं। यह बात यहां जारी एक प्रेस बयान में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संघर्ष समिति के प्रदेश संगठन सचिव एवं भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के जिला हमीरपुर कार्यवाह अध्यक्ष मनोहर ठाकुर ने कही।
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उन्होंने बोर्ड प्रशासन से मांग की है कि 70 वर्ष या इससे ऊपर लगभग 150 पेंशनरों को 50 प्रतिशत एरियर भुगतान और महंगाई भत्ते की 3 प्रतिशत किस्त के एरियर के भुगतान को शीघ्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर पेंशनरों को परिवार के पालन पोषण व स्वास्थ्य संबंधी अनेक प्रकार की कठिनाइयां से गुजरना पड़ता है, क्योंकि किसी संस्था के आधारभूत ढांचे को खड़ा करने के लिए सेवानिवृत्त व कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की स्थापना के बाद हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा अग्रणी बोर्डों की श्रेणी में रहा है और बोर्ड के लिए छात्र हित हमेशा सर्वोपरि रहा है।
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उन्होंने कहा कि सरकार की आर्थिक सहायता के बिना ही अपने अपने संसाधनों से संस्था का संचालन कर रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह है कि वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023 -24 व 24-25 पाठ्य पुस्तकों जो सरकार द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को मुक्त दी जाती हैं, का लगभग साढ़े 87 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करना शेष है, उसे शीघ्र जारी किया जाए।
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उन्होंने कहा कि राशि जारी न होने के कारण बोर्ड की कार्य प्रणाली पर भी विपरीत असर पड़ रहा है और इसके कारण संस्था में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों को कई प्रकार की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं उन्होंने पहली जनवरी, 2016 से 31 जनवरी, 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को लीवइन केसमेंट, काॅम्यूटेशन, ग्रेजीटी व संशोधित वेतनमानों के अनुसार पेंशन और शेष बचे एरियर का भुगतान करने की मांग की है।