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Kangra News: सीएसडी का डिपो न होने से देना पड़ रहा तिहरा टैक्स
Sun, 20 Apr 2025 01:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:04 AM IST
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सैनिक लीग की बैठक में सेना अधिकारी व पूर्व सैनिकस्त्रोत लीग
- फोटो : mathura
पालमपुर में आए सेना के अधिकारियों के समक्ष पूर्व सैनिकों ने रखी अपनी मांगें
सेना का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड होने से पूर्व सैनिकों को करना पड़ रहा कई दिक्कतों को सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। सेना की 9 कोर से निर्धारित 29 आर्टिलरी ब्रिगेड की टीम ने शनिवार को पूर्व सैनिक लीग पालमपुर का दौरा किया। कोर के मेजर भोपेश शर्मा के नेतृत्व में दो जेसीओ और 10 जवानों सहित कुल 13 सदस्यीय टीम ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व सैनिक परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
वहीं, पूर्व सैनिकों की जटिल समस्याओं को सूचीबद्ध कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। पूर्व सैनिकों ने आर्टिलरी की 204 सटा बटालियन की टीम के साथ ईसीएचएस, सीएसडी कैंटीन व ईसीएचएस से इंपैनल अस्पतालों में पूर्व सैनिकों की अनदेखी सहित संबंधित रिकॉर्ड कार्यालयों में दस्तावेजों की दुरुस्ती करने संबंधी मामले साझा किए।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि हिमाचल में सीएसडी कैंटीन का डिपो नहीं होने से पंजाब, हरियाणा सहित हिमाचल की सरकारों को तिहरा टैक्स देना पड़ता है। हिमाचल में सीएसडी (कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट) डिपो खुलता है तो मात्र हिमाचल का टैक्स लगेगा। पूर्व सैनिकों ने बताया कि सेना का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड होने से बुजुर्ग सैनिकों के दस्तावेजों में काफी त्रुटियां पाई गई हैं।
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इन्हें दुरुस्त करने में सैनिकों को रिकॉर्ड और स्पर्श के चक्कर में उलझाया जा रहा है और दस्तावेज दुरुस्त नहीं हो पा रहे हैं। इसके लिए पूर्व सैनिकों ने सेल्फ डिक्लेरेशन के तहत दस्तावेज दुरुस्त करने का मौका देने की उच्चाधिकारियों से मांग उठाई। वहीं, तर्क दिया कि पहले सेना के दस्तावेज हिंदी में दर्ज होते थे, लेकिन कंप्यूटर में अंग्रेजी भाषा में तब्दील करते समय कई लोगों के नाम की स्पेलिंग गलत लिखी गई।
वहीं, परिवार की जन्मतिथि भी साल में अंकित होती थी, लेकिन दस्तावेज कंप्यूटर में डालते समय, बिना पूर्व सैनिक से संपर्क किए, इन्हें अपने स्तर पर ही भर दिया गया। अब यही दिक्कत पूर्व सैनिकों के लिए अभिशाप बन गई है। पूर्व सैनिकों ने इसे दुरुस्त करने के लिए एक मौका देने की मांग की। बैठक में सेना अस्पतालों को सुदृढ़ कर सभी को इलाज सुविधा देने की मांग भी उठाई।
इस मौके पर अध्यक्ष रमेश डढवाल, महासचिव विक्रम कटोच, उपाध्यक्ष संतोष कटोच, ओंकार चंद, गगन सिंह, विनोद राणा, प्रवक्ता कुलदीप राणा और 204 सटा बटालियन से मेजर भोपेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सेना का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड होने से पूर्व सैनिकों को करना पड़ रहा कई दिक्कतों को सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। सेना की 9 कोर से निर्धारित 29 आर्टिलरी ब्रिगेड की टीम ने शनिवार को पूर्व सैनिक लीग पालमपुर का दौरा किया। कोर के मेजर भोपेश शर्मा के नेतृत्व में दो जेसीओ और 10 जवानों सहित कुल 13 सदस्यीय टीम ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों व सैनिक परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
वहीं, पूर्व सैनिकों की जटिल समस्याओं को सूचीबद्ध कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने का आश्वासन दिया। पूर्व सैनिकों ने आर्टिलरी की 204 सटा बटालियन की टीम के साथ ईसीएचएस, सीएसडी कैंटीन व ईसीएचएस से इंपैनल अस्पतालों में पूर्व सैनिकों की अनदेखी सहित संबंधित रिकॉर्ड कार्यालयों में दस्तावेजों की दुरुस्ती करने संबंधी मामले साझा किए।
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पूर्व सैनिकों ने कहा कि हिमाचल में सीएसडी कैंटीन का डिपो नहीं होने से पंजाब, हरियाणा सहित हिमाचल की सरकारों को तिहरा टैक्स देना पड़ता है। हिमाचल में सीएसडी (कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट) डिपो खुलता है तो मात्र हिमाचल का टैक्स लगेगा। पूर्व सैनिकों ने बताया कि सेना का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड होने से बुजुर्ग सैनिकों के दस्तावेजों में काफी त्रुटियां पाई गई हैं।
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इन्हें दुरुस्त करने में सैनिकों को रिकॉर्ड और स्पर्श के चक्कर में उलझाया जा रहा है और दस्तावेज दुरुस्त नहीं हो पा रहे हैं। इसके लिए पूर्व सैनिकों ने सेल्फ डिक्लेरेशन के तहत दस्तावेज दुरुस्त करने का मौका देने की उच्चाधिकारियों से मांग उठाई। वहीं, तर्क दिया कि पहले सेना के दस्तावेज हिंदी में दर्ज होते थे, लेकिन कंप्यूटर में अंग्रेजी भाषा में तब्दील करते समय कई लोगों के नाम की स्पेलिंग गलत लिखी गई।
वहीं, परिवार की जन्मतिथि भी साल में अंकित होती थी, लेकिन दस्तावेज कंप्यूटर में डालते समय, बिना पूर्व सैनिक से संपर्क किए, इन्हें अपने स्तर पर ही भर दिया गया। अब यही दिक्कत पूर्व सैनिकों के लिए अभिशाप बन गई है। पूर्व सैनिकों ने इसे दुरुस्त करने के लिए एक मौका देने की मांग की। बैठक में सेना अस्पतालों को सुदृढ़ कर सभी को इलाज सुविधा देने की मांग भी उठाई।
इस मौके पर अध्यक्ष रमेश डढवाल, महासचिव विक्रम कटोच, उपाध्यक्ष संतोष कटोच, ओंकार चंद, गगन सिंह, विनोद राणा, प्रवक्ता कुलदीप राणा और 204 सटा बटालियन से मेजर भोपेश शर्मा आदि मौजूद रहे।