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Kangra News: सात साल का नाइट ओवरटाइम न मिलने पर भड़के ड्राइवर-कंडक्टर
Wed, 03 Jun 2026 06:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:47 AM IST
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धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक-परिचालकों ने सात वर्षों से लंबित नाइट ओवरटाइम और अन्य देय भुगतानों को लेकर निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चालक-परिचालक यूनियन के राज्य अध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि लंबे समय से ओवरटाइम का भुगतान न होने के कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
यूनियन ने प्रबंधन को 24 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि निर्धारित तिथि तक लंबित भुगतान नहीं किया गया तो 25 जून को प्रदेश भर में बसों का संचालन ठप कर दिया जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे दिन-रात यात्रियों को बेहतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके वैध अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने कई बार प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि प्रदेश की बस सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कर दिया है कि आंदोलन के कारण होने वाली किसी भी असुविधा के लिए निगम प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा।
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उधर, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम पिछले सात वर्षों का है, जिसमें हमारे कार्यकाल के तीन वर्ष ही शामिल हैं, बाकी चार वर्ष पिछली सरकार के हैं। फिर भी जैसे-जैसे हमें फंडिंग मिलेगी, ओवरटाइम का भुगतान कर दिया जाएगा ताकि कर्मचारियों को और दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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यूनियन ने प्रबंधन को 24 जून तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि निर्धारित तिथि तक लंबित भुगतान नहीं किया गया तो 25 जून को प्रदेश भर में बसों का संचालन ठप कर दिया जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि वे दिन-रात यात्रियों को बेहतर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके वैध अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने कई बार प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि प्रदेश की बस सेवाएं प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कर दिया है कि आंदोलन के कारण होने वाली किसी भी असुविधा के लिए निगम प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा।
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उधर, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम पिछले सात वर्षों का है, जिसमें हमारे कार्यकाल के तीन वर्ष ही शामिल हैं, बाकी चार वर्ष पिछली सरकार के हैं। फिर भी जैसे-जैसे हमें फंडिंग मिलेगी, ओवरटाइम का भुगतान कर दिया जाएगा ताकि कर्मचारियों को और दिक्कतों का सामना न करना पड़े।