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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Dr. Pratyush Guleri merged into the five elements, last rites performed in Dharamshala

Dharamshala: पंचतत्व में विलीन हुए साहित्यकार प्रत्यूष गुलेरी, धर्मशाला में हुआ अंतिम संस्कार

Tue, 17 Sep 2024 12:33 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो,धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो,धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 17 Sep 2024 12:33 PM IST
सार

साहित्यकार दिवंगत डॉ. प्रत्यूष गुलेरी का मंगलवार को चरान खड्ड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ।

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Dr. Pratyush Guleri merged into the five elements, last rites performed in Dharamshala
पंचतत्व में विलीन हुए डॉ. प्रत्यूष गुलेरी - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचली प्रदेश के साहित्यकार दिवंगत डॉ. प्रत्यूष गुलेरी का मंगलवार को चरान खड्ड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान कई हस्तियां मौजूद रहीं। बेटे विशाल गुलेरी ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। 

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 डॉ. प्रत्यूष गुलेरी के निधन को साहित्यकारों ने साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है। वह पिछले कई दशकों से निरंतर साहित्य की सेवा कर रहे थे। नील गगन पर चमके तारे... उनका लिखा बालगीत आज भी हर जुबां पर है।
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 उनका जन्म 9 जून, 1947 को पिता कीर्तिधर शर्मा गुलेरी और माता सत्यावती गुलेरी के घर गुलेर, जिला कांगड़ा में हुआ। हिंदी साहित्य में डॉक्टरेट करने के बाद उन्होंने कई शैक्षणिक पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उन्हें कई सम्मान और पुरस्कार भी मिले।

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