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Kangra News: 40 साल पुराने रास्ते पर विवाद, पुलिस ने खुलवाया
Sun, 30 Aug 2026 01:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:48 AM IST
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गुलेर (कांगड़ा)। पंचायत डोहग प्लोटी के वार्ड नंबर-3 चौकी कलां में करीब 40 साल पुराने रास्ते पर विवाद खड़ा हो गया। निजी भूमि पर लकड़ी के बड़े-बड़े लट्ठे रखकर रास्ता बंद किए जाने के बाद ग्रामीणों ने 112 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई। सूचना मिलने के बाद रानीताल पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद रास्ता खुलवा दिया।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है और करीब 50 परिवार लंबे समय से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी रास्ते से बणे दी हट्टी स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र और पटवार वृत्त तक पहुंचा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से मरीजों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का दावा है कि रास्ता करीब 40 साल पुराना है और लोक निर्माण विभाग ने इसे पक्का किया था।
उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और रास्ते के लिए पहले जमीन दान की गई थी, लेकिन उस समय दस्तावेजी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, भूमि मालिक संजीव कुमार ने कहा कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है और बिना अनुमति वाहनों की आवाजाही तथा मरम्मत का काम किया गया। उनकी काफी जमीन पहले ही फोरलेन में जा चुकी है, इसलिए वह और जमीन देने की स्थिति में नहीं हैं।
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पुलिस की मध्यस्थता के बाद भूमि मालिक ने वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के लिए ग्रामीणों को छह माह का समय दिया है। पंचायत प्रधान रीना देवी ने सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। एएसपी देहरा नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर फिलहाल रास्ता खुलवा दिया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है और करीब 50 परिवार लंबे समय से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी रास्ते से बणे दी हट्टी स्थित आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र और पटवार वृत्त तक पहुंचा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से मरीजों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का दावा है कि रास्ता करीब 40 साल पुराना है और लोक निर्माण विभाग ने इसे पक्का किया था।
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उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और रास्ते के लिए पहले जमीन दान की गई थी, लेकिन उस समय दस्तावेजी कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, भूमि मालिक संजीव कुमार ने कहा कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है और बिना अनुमति वाहनों की आवाजाही तथा मरम्मत का काम किया गया। उनकी काफी जमीन पहले ही फोरलेन में जा चुकी है, इसलिए वह और जमीन देने की स्थिति में नहीं हैं।
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पुलिस की मध्यस्थता के बाद भूमि मालिक ने वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के लिए ग्रामीणों को छह माह का समय दिया है। पंचायत प्रधान रीना देवी ने सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। एएसपी देहरा नवदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर फिलहाल रास्ता खुलवा दिया है।