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Kangra News: काम के दौरान तोड़ा था दम, रमेश के आश्रितों को मिलेंगे डेढ़ लाख
Sun, 30 Aug 2026 01:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:02 PM IST
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डरोह (कांगड़ा)। ग्राम पंचायत बसकेहड़ में काम करते समय मजदूर रमेश चंद (62) की मौत के बाद विकास खंड सुलह प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आया है। पैसे के अभाव में निजी अस्पताल में उपचार न मिलने और टांडा ले जाते वक्त दम तोड़ने वाले इस मजदूर के आश्रितों को विभागीय नियमों के तहत करीब डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी।
बीडीओ सुलह कमलजीत गुप्ता ने पंचायत प्रतिनिधियों और सचिव को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार से जरूरी कागजात जल्द पूरे करवाए जाएं। कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही विभाग की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि परिवार की कमजोर माली हालत को देखते हुए हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बसकेहड़ निवासी रमेश चंद उर्फ रोड़ू वीबी-जी राम जी योजना में काम कर रहे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द उठा था। पालमपुर अस्पताल से उन्हें टांडा रेफर किया गया था। निजी अस्पताल में इलाज का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये बताए जाने और परिजनों के पास पैसे न होने के चलते उन्हें टांडा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे पत्नी और एक बेटा छोड़ गए हैं।
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ग्राम पंचायत बसकेहड़ की प्रधान बेवी देवी ने कहा कि पंचायत की ओर से भी संबंधित विभागों से पत्राचार कर परिवार को अधिक से अधिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, जिससे इस मुश्किल वक्त में पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।
रमेश चंद की अचानक हुई मौत बेहद दुखद है और परिवार ने अपना एक सहारा खो दिया है। इस क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विभागीय नियमों के तहत हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -कमलजीत गुप्ता, बीडीओ, सुलह
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बीडीओ सुलह कमलजीत गुप्ता ने पंचायत प्रतिनिधियों और सचिव को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार से जरूरी कागजात जल्द पूरे करवाए जाएं। कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही विभाग की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि परिवार की कमजोर माली हालत को देखते हुए हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि बसकेहड़ निवासी रमेश चंद उर्फ रोड़ू वीबी-जी राम जी योजना में काम कर रहे थे, तभी उनके सीने में तेज दर्द उठा था। पालमपुर अस्पताल से उन्हें टांडा रेफर किया गया था। निजी अस्पताल में इलाज का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये बताए जाने और परिजनों के पास पैसे न होने के चलते उन्हें टांडा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे पत्नी और एक बेटा छोड़ गए हैं।
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ग्राम पंचायत बसकेहड़ की प्रधान बेवी देवी ने कहा कि पंचायत की ओर से भी संबंधित विभागों से पत्राचार कर परिवार को अधिक से अधिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आर्थिक सहायता की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, जिससे इस मुश्किल वक्त में पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।
रमेश चंद की अचानक हुई मौत बेहद दुखद है और परिवार ने अपना एक सहारा खो दिया है। इस क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विभागीय नियमों के तहत हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। -कमलजीत गुप्ता, बीडीओ, सुलह