{"_id":"682a335d6c0211702007a269","slug":"devotees-increased-in-jwalamukhi-temple-chamunda-bajreshwari-less-lively-kangra-news-c-95-1-kng1002-177523-2025-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: ज्वालामुखी मंदिर में बढ़े श्रद्धालु, चामुंडा-बज्रेश्वरी में रौनक कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: ज्वालामुखी मंदिर में बढ़े श्रद्धालु, चामुंडा-बज्रेश्वरी में रौनक कम
Mon, 19 May 2025 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 19 May 2025 12:52 AM IST
विज्ञापन
ज्वालामुखी मंदिर में लाइनो में लगे श्रद्धालु। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। (कांगड़ा)। जिला कांगड़ा की शक्तिपीठों में रविवार को 11 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या छुट्टी के दिन अधिक रही। वहीं, बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा और चामुंडा मंदिर में कम श्रद्धालु पहुंचे। भारत-पाक की बीच रहे तनाव के चलते पिछले कुछ दिन से मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या कम हो गई थी। हालांकि अब पड़ोसी राज्यों के स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों और सीमा पर तनाव कम होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
ज्वालामुखी में रविवार को आठ हजार, चामुंडा माता मंदिर में दो हजार और बज्रेश्वरी माता मंदिर में एक हजार श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, मंदी की मार झेल रहे स्थानीय दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में टेंट, पेयजल और अन्य सुविधाओं की उचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैटल डिटेक्टर का प्रयोग किया जा रहा है और हर आने-जाने वाले पर निगरानी रखी जा रही है।
हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के बीच अभी भी मंदिर में नारियल ले जाने पर प्रतिबंध जारी है। सुरक्षा कारणों से यह निर्णय बरकरार रखा है। आस्था और व्यवस्था का यह संतुलन श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव का कारण बन रहा है। ज्वालामुखी मंदिर पुजारी राहुल शर्मा ने बताया सभी व्यवस्थाएं पुख्ता हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूर्ण रूप से ख्याल रखा जा रहा है। बज्रेश्वरी मंदिर अधिकारी नीलम कुमारी ने बताया कि जबसे भारत-पाकिस्तान में तनाव पैदा हुआ था, तब से ही बज्रेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्वालामुखी में रविवार को आठ हजार, चामुंडा माता मंदिर में दो हजार और बज्रेश्वरी माता मंदिर में एक हजार श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, मंदी की मार झेल रहे स्थानीय दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में टेंट, पेयजल और अन्य सुविधाओं की उचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैटल डिटेक्टर का प्रयोग किया जा रहा है और हर आने-जाने वाले पर निगरानी रखी जा रही है।
विज्ञापन
हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के बीच अभी भी मंदिर में नारियल ले जाने पर प्रतिबंध जारी है। सुरक्षा कारणों से यह निर्णय बरकरार रखा है। आस्था और व्यवस्था का यह संतुलन श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव का कारण बन रहा है। ज्वालामुखी मंदिर पुजारी राहुल शर्मा ने बताया सभी व्यवस्थाएं पुख्ता हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूर्ण रूप से ख्याल रखा जा रहा है। बज्रेश्वरी मंदिर अधिकारी नीलम कुमारी ने बताया कि जबसे भारत-पाकिस्तान में तनाव पैदा हुआ था, तब से ही बज्रेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है।
विज्ञापन