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Kangra News: देहरा में दो महीने बाद भी नहीं खुला आरटीओ कार्यालय, लोगों में मायूसी
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धर्मशाला। कांगड़ा जिले के देहरा विधानसभा क्षेत्र के लोगों को आरटीओ कार्यालय के लिए अब भी इंतजार करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ने 14 अगस्त 2025 को अधिसूचना जारी कर देहरा में नया क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद यह कार्यालय धरातल पर उतरता नजर नहीं आ रहा।
मंत्रिमंडल की मंजूरी और अधिसूचना के बावजूद आरटीओ कार्यालय का न खुलना क्षेत्रवासियों के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है। देहरा में प्रस्तावित इस कार्यालय के अंतर्गत ज्वालामुखी, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली उपमंडल भी शामिल किए गए हैं। इसका मकसद यही था कि इन क्षेत्रों के वाहन मालिकों को आरसी, लाइसेंस, परमिट जैसे कार्यों के लिए मीलों दूर धर्मशाला के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकार ने नए कार्यालय के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, मोटर वाहन निरीक्षक और दो जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पद भी स्वीकृत कर दिए हैं। इसके बावजूद अब तक कार्यालय भवन, स्टाफ की तैनाती और अन्य आवश्यक तैयारियों पर कोई स्पष्टता नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जिस उम्मीद के साथ अधिसूचना जारी की थी, वह अब अधूरी होती दिख रही है।
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बार-बार धर्मशाला जाना समय और पैसे की बर्बादी है। देहरा में आरटीओ कार्यालय खुलने से हजारों वाहन मालिकों को राहत मिलती, लेकिन फिलहाल ये सुविधा सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। वहीं धर्मशाला आरटीओ कार्यालय पर काम का काफी दबाव है।
उधर, प्रदेश भाजपा मीडिया सह प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी जिस क्षेत्र से विधायक है, वहां पर ही विकास के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य विस क्षेत्र अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। सरकार को अधिसूचना के अनुसार देहरा में आरटीओ कार्यालय जल्द खोलना चाहिए।
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मंत्रिमंडल की मंजूरी और अधिसूचना के बावजूद आरटीओ कार्यालय का न खुलना क्षेत्रवासियों के लिए निराशाजनक साबित हो रहा है। देहरा में प्रस्तावित इस कार्यालय के अंतर्गत ज्वालामुखी, इंदौरा, फतेहपुर और जवाली उपमंडल भी शामिल किए गए हैं। इसका मकसद यही था कि इन क्षेत्रों के वाहन मालिकों को आरसी, लाइसेंस, परमिट जैसे कार्यों के लिए मीलों दूर धर्मशाला के चक्कर न लगाने पड़ें।
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सरकार ने नए कार्यालय के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, मोटर वाहन निरीक्षक और दो जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के पद भी स्वीकृत कर दिए हैं। इसके बावजूद अब तक कार्यालय भवन, स्टाफ की तैनाती और अन्य आवश्यक तैयारियों पर कोई स्पष्टता नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने जिस उम्मीद के साथ अधिसूचना जारी की थी, वह अब अधूरी होती दिख रही है।
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बार-बार धर्मशाला जाना समय और पैसे की बर्बादी है। देहरा में आरटीओ कार्यालय खुलने से हजारों वाहन मालिकों को राहत मिलती, लेकिन फिलहाल ये सुविधा सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। वहीं धर्मशाला आरटीओ कार्यालय पर काम का काफी दबाव है।
उधर, प्रदेश भाजपा मीडिया सह प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी जिस क्षेत्र से विधायक है, वहां पर ही विकास के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य विस क्षेत्र अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। सरकार को अधिसूचना के अनुसार देहरा में आरटीओ कार्यालय जल्द खोलना चाहिए।