फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Dehra Family Court Divorce Case Cruelty Desertion Himachal Pradesh

हिमाचल: पत्नी की मारपीट और छह साल की जुदाई बनी तलाक की वजह, परिवार न्यायालय ने पति के पक्ष में सुनाया फैसला

Fri, 09 Oct 2026 10:31 AM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 09 Oct 2026 10:31 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के देहरा परिवार न्यायालय ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर एक व्यक्ति को तलाक दे दिया। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी ने उसके साथ मारपीट और अपमानजनक व्यवहार किया तथा जुलाई 2018 में घर छोड़कर चली गई। सुनवाई के दौरान पत्नी के अदालत में पेश नहीं होने और पति के साक्ष्यों का प्रतिवाद नहीं होने पर अदालत ने विवाह विच्छेद की डिक्री जारी की।

विज्ञापन
Dehra Family Court Divorce Case Cruelty Desertion Himachal Pradesh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : AI

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के देहरा परिवार न्यायालय ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में पति की तलाक याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने क्रूरता और परित्याग को आधार मानते हुए विवाह विच्छेद की डिक्री जारी की। मामले की सुनवाई अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश सपना पांडेय की अदालत में हुई। याचिका ज्वालामुखी तहसील के एक व्यक्ति ने दायर की थी।

विज्ञापन
Trending Videos

पति ने लगाए मारपीट और अपमानित करने के आरोप
पति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि शादी के करीब चार साल बाद वर्ष 2014 में पत्नी का व्यवहार बदलने लगा था। उसके अनुसार, पत्नी छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती और उसे तथा उसके माता-पिता को अपमानित करती थी। याचिका में यह भी कहा गया कि पत्नी घरेलू काम करने से इनकार करती थी और महंगे कपड़े या शृंगार का सामान नहीं दिलाने पर अपशब्द कहती थी। पति ने आरोप लगाया कि मई 2017 में पत्नी ने उसे थप्पड़ मारे और लात-घूंसों से पीटा।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2018 में घर छोड़कर मायके जाने का आरोप
पति के अनुसार, जुलाई 2018 में उसकी गैरमौजूदगी में पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई। उसने पत्नी को वापस लाने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन वह लौटकर नहीं आई। याचिका में पति ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी ने फोन पर कई बार तलाक की मांग की और रिश्तेदारों के बीच उसके बारे में नकारात्मक बातें कहीं। पति का कहना था कि उसे बच्चों से मिलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

अदालत में पेश नहीं हुई पत्नी
मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी अदालत में उपस्थित नहीं हुई। अक्टूबर 2025 में अदालत ने कार्यवाही एकतरफा जारी रखने का आदेश दिया। पति की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों का पत्नी की तरफ से प्रतिवाद नहीं किया गया। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों पर विचार किया। न्यायालय के अनुसार, पति के साथ मारपीट, अपमानजनक व्यवहार और बिना उचित कारण अलग रहने से संबंधित साक्ष्य अप्रतिवादित रहे।

क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक
अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पत्नी के कथित व्यवहार को क्रूरता की श्रेणी में माना। साथ ही, वर्ष 2018 से दोनों के अलग रहने और वैवाहिक संबंध दोबारा सामान्य होने की संभावना नहीं दिखने की परिस्थितियों पर भी विचार किया। इन आधारों पर देहरा परिवार न्यायालय ने पति की याचिका स्वीकार करते हुए विवाह विच्छेद की डिक्री जारी कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed