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Kangra News: लंपी ने डराया, अंधे हो रहे पशु, बाहर निकली आंख की पुतली
Fri, 09 Oct 2026 06:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:49 AM IST
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गंगथ (कांगड़ा)। गंगथ क्षेत्र में पशुओं में लंपी वायरस के कारण पशुओं के अंधा होने के मामले सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। रप्पड़ पंचायत के खड़ोल गांव में लंपी से संक्रमित एक गाय की हालत नाजुक बनी हुई है।
उसके शरीर पर फोड़े और टांगों में सूजन है। बीमारी के कारण उसकी एक आंख की पुतली बाहर की ओर निकल आई है और आंख का रंग भी सफेद हो गया है। इससे उसे एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है।
गाय का उपचार पशु चिकित्सालय गंगथ की टीम कर रही है लेकिन अभी उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। पशु चिकित्सालय गंगथ की डॉ. तन्नू डोगरा और फार्मासिस्ट राजीव शर्मा ने बताया कि गंगथ अस्पताल के तहत आने वाली 14 डिस्पेंसरी में लंपी बीमारी के करीब 60 से 70 मामले सामने आए थे।
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उपचार के बाद अब बीमारी फिलहाल नियंत्रण में है। उन्होंने पशुपालकों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पशुओं में लंपी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। पशुओं की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के साथ बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि लंपी के अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं। लोग समय पर वैक्सीनेशन नहीं करवाते इसलिए दिक्कतें बढ़ जाती हैं। पशुपालक समय पर वैक्सीनेशन करवाएं तो पशुओं की जान बच सकती है।
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उसके शरीर पर फोड़े और टांगों में सूजन है। बीमारी के कारण उसकी एक आंख की पुतली बाहर की ओर निकल आई है और आंख का रंग भी सफेद हो गया है। इससे उसे एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है।
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गाय का उपचार पशु चिकित्सालय गंगथ की टीम कर रही है लेकिन अभी उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। पशु चिकित्सालय गंगथ की डॉ. तन्नू डोगरा और फार्मासिस्ट राजीव शर्मा ने बताया कि गंगथ अस्पताल के तहत आने वाली 14 डिस्पेंसरी में लंपी बीमारी के करीब 60 से 70 मामले सामने आए थे।
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उपचार के बाद अब बीमारी फिलहाल नियंत्रण में है। उन्होंने पशुपालकों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पशुओं में लंपी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। पशुओं की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के साथ बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
पशुपालन विभाग की उपनिदेशक डॉ. सीमा गुलेरिया ने बताया कि लंपी के अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं। लोग समय पर वैक्सीनेशन नहीं करवाते इसलिए दिक्कतें बढ़ जाती हैं। पशुपालक समय पर वैक्सीनेशन करवाएं तो पशुओं की जान बच सकती है।