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स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड के नाम पर ठगे जा रहे लोग
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:57 PM IST
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बृज मोहन कंठवाल
लंबागांव (कांगडा़ )। स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड में गड़बड़झाला हो रहा है। विकास खंड लंबागांव की ग्राम पंचायत सोल वनेहड़ में तथाकथित ठगी का मामला सामने आया है।
पंचायत में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड की कुल फीस 365 रुपये प्रतिवर्ष बताई गई है, लेकिन पंचायत में स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड का पंजीकरण करने आए सरकार की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि 365 के बजाय 450 रुपये फीस ले रहे हैं। लोगों से स्मार्ट कार्ड की करीब 85 रुपये ज्यादा फीस ली गई। हैरतअंगेज यह है कि सरकार की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि लोगों को फीस के बदले कोई प्राप्ति रसीद भी नहीं दे रहे हैं।
सोल वनेहड़ में रविवार को कौना पंचायत के लोक मित्र केंद्र से आए प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कर प्रति व्यक्ति 450 रुपये फीस ली। इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। पंजीकरण करने आए युवकों ने कहा कि उनको यहां कौना लोकमित्र केंद्र के मालिक राजकुमार ने भेजा है।
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इनसेट
लोगों से कहा, स्मार्ट कार्ड नहीं बनाना है तो जाओ
मिशन रिव के तलवाड पंचायत के फेसिलिटेर संदीप कश्यप और सोल वनेहड पंचायत के लोगों सलोचना देवी, अमीर चंद, मस्त राम, हेमराज रमेश कुमार और रविंद्र कुमार ने बताया कि जब वे पंचायत में अपना स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड का पंजीकरण करने गए तो उनसे बिना रसीद दिए 450 रुपये वसूले गए। तय राशि से अधिक पैसे वसूलने के बारे में सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों से पूछा तो युवकों का जवाब था हमको कौना लोकमित्र के मालिक राज कुमार ने 450 रुपये ही लेने को कहा है। अगर आपने स्मार्ट कार्ड बनाना है तो बनाओ नहीं तो चले जाओ।
अपना आने जाने का खर्च लिया : लोकमित्र केंद्र का मालिक
कौना लोकमित्र केंद्र के मालिक राजकुमार ने कहा कि वे 365 जमा 85 रुपये ले रहे हैं। जब उससे पूछा गया कि आप सरकार की ओर से निर्धारित राशि से ज्यादा क्यों ले रहे तो उसने कहा कि हम अपना आने जाने का खर्च ले रहे हैं।
404 रुपये से ज्यादा लिए हैं तो होगी कार्रवाई : समन्वयक
स्मार्ट चिप प्राइवेट कंपनी के कुसुम्पटी स्थित समन्वयक राजीव कुमार का कहना था कि स्मार्ट कार्ड की कुल फीस 404 रुपये है। एक दिन के हिसाब से 365 रुपये वर्ष भर के और 25 रुपये पेंमेट बैंक के हैं। इसके अलावा 14 रुपये फार्म भरने के हैं। इससे ज्यादा पैसे कोई नहीं ले सकता है। अगर कोई ज्यादा पैसे ले रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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लंबागांव (कांगडा़ )। स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड में गड़बड़झाला हो रहा है। विकास खंड लंबागांव की ग्राम पंचायत सोल वनेहड़ में तथाकथित ठगी का मामला सामने आया है।
पंचायत में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड की कुल फीस 365 रुपये प्रतिवर्ष बताई गई है, लेकिन पंचायत में स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड का पंजीकरण करने आए सरकार की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि 365 के बजाय 450 रुपये फीस ले रहे हैं। लोगों से स्मार्ट कार्ड की करीब 85 रुपये ज्यादा फीस ली गई। हैरतअंगेज यह है कि सरकार की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि लोगों को फीस के बदले कोई प्राप्ति रसीद भी नहीं दे रहे हैं।
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सोल वनेहड़ में रविवार को कौना पंचायत के लोक मित्र केंद्र से आए प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कर प्रति व्यक्ति 450 रुपये फीस ली। इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। पंजीकरण करने आए युवकों ने कहा कि उनको यहां कौना लोकमित्र केंद्र के मालिक राजकुमार ने भेजा है।
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लोगों से कहा, स्मार्ट कार्ड नहीं बनाना है तो जाओ
मिशन रिव के तलवाड पंचायत के फेसिलिटेर संदीप कश्यप और सोल वनेहड पंचायत के लोगों सलोचना देवी, अमीर चंद, मस्त राम, हेमराज रमेश कुमार और रविंद्र कुमार ने बताया कि जब वे पंचायत में अपना स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड का पंजीकरण करने गए तो उनसे बिना रसीद दिए 450 रुपये वसूले गए। तय राशि से अधिक पैसे वसूलने के बारे में सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधियों से पूछा तो युवकों का जवाब था हमको कौना लोकमित्र के मालिक राज कुमार ने 450 रुपये ही लेने को कहा है। अगर आपने स्मार्ट कार्ड बनाना है तो बनाओ नहीं तो चले जाओ।
अपना आने जाने का खर्च लिया : लोकमित्र केंद्र का मालिक
कौना लोकमित्र केंद्र के मालिक राजकुमार ने कहा कि वे 365 जमा 85 रुपये ले रहे हैं। जब उससे पूछा गया कि आप सरकार की ओर से निर्धारित राशि से ज्यादा क्यों ले रहे तो उसने कहा कि हम अपना आने जाने का खर्च ले रहे हैं।
404 रुपये से ज्यादा लिए हैं तो होगी कार्रवाई : समन्वयक
स्मार्ट चिप प्राइवेट कंपनी के कुसुम्पटी स्थित समन्वयक राजीव कुमार का कहना था कि स्मार्ट कार्ड की कुल फीस 404 रुपये है। एक दिन के हिसाब से 365 रुपये वर्ष भर के और 25 रुपये पेंमेट बैंक के हैं। इसके अलावा 14 रुपये फार्म भरने के हैं। इससे ज्यादा पैसे कोई नहीं ले सकता है। अगर कोई ज्यादा पैसे ले रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।