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चैक बाउंस होने पर एक साल की सजा
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:34 PM IST
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चेक बाउंस होने पर एक साल की सजा
सवा तीन लाख रुपये जुर्माना भी करना होगा अदा
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। माननीय न्यायाधीश बैजनाथ रवि शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी राकेश कुमार निवासी जंडपुर को एक साल की कैद और तीन लाख पचीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट आदित्य सघोघरा ने बताया कि राकेश कुमार ने हिमाचल ग्रामीण बैंक पपरोला से दो जून 2011 को ट्रक खरीदने के लिए चार लाख सैंतालीस हजार रुपये का लोन लिया था। जब उसकी लोन की किस्तें टूटी, तब उसने दो लाख साथ 60 हजार का एक चेक आईसीआईसीआई बैंक पालमपुर का चेक बैंक को दिया, जो कि पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक ने आठ दिसंबर 2014 को एक लीगल नोटिस ऋणकर्ता को दिया और इसके साथ ही बैजनाथ के न्यायालय में केस दर्ज कर दिया। तीन साल की सुनवाई के बाद वीरवार को माननीय न्यायाधीश ने आरोपी को एक साल की सजा और जुर्माना भी लगाया। अदालत ने बताया कि जुर्माना न भरने की सूरत में आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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सवा तीन लाख रुपये जुर्माना भी करना होगा अदा
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ (कांगड़ा)। माननीय न्यायाधीश बैजनाथ रवि शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी राकेश कुमार निवासी जंडपुर को एक साल की कैद और तीन लाख पचीस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले की पैरवी कर रहे एडवोकेट आदित्य सघोघरा ने बताया कि राकेश कुमार ने हिमाचल ग्रामीण बैंक पपरोला से दो जून 2011 को ट्रक खरीदने के लिए चार लाख सैंतालीस हजार रुपये का लोन लिया था। जब उसकी लोन की किस्तें टूटी, तब उसने दो लाख साथ 60 हजार का एक चेक आईसीआईसीआई बैंक पालमपुर का चेक बैंक को दिया, जो कि पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक ने आठ दिसंबर 2014 को एक लीगल नोटिस ऋणकर्ता को दिया और इसके साथ ही बैजनाथ के न्यायालय में केस दर्ज कर दिया। तीन साल की सुनवाई के बाद वीरवार को माननीय न्यायाधीश ने आरोपी को एक साल की सजा और जुर्माना भी लगाया। अदालत ने बताया कि जुर्माना न भरने की सूरत में आरोपी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।