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Kangra News: चिट्टा मामले के दोषी को पांच साल का कठोर कारावास
Fri, 28 Aug 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:12 AM IST
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धर्मशाला। पुलिस थाना नूरपुर के अंतर्गत बोहड़ पावर हाउस के पास 7.86 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ पकड़े गए नसीब सिंह निवासी मेहरका को विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
वक्फ ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष एवं विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार 4 मई 2022 को पुलिस थाना नूरपुर की टीम ने बोहड़ पावर हाउस के समीप कार्रवाई करते हुए नसीब सिंह के कब्जे से 7.86 ग्राम हेरोइन बरामद की थी।
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इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी और जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों के साथ स्वतंत्र गवाहों को अदालत में पेश किया। वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बरामदगी को चुनौती दी और आरोपी को झूठा फंसाने की दलील दी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद नसीब सिंह को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
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वक्फ ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष एवं विशेष न्यायाधीश जसवंत सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार 4 मई 2022 को पुलिस थाना नूरपुर की टीम ने बोहड़ पावर हाउस के समीप कार्रवाई करते हुए नसीब सिंह के कब्जे से 7.86 ग्राम हेरोइन बरामद की थी।
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इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी और जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों के साथ स्वतंत्र गवाहों को अदालत में पेश किया। वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बरामदगी को चुनौती दी और आरोपी को झूठा फंसाने की दलील दी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद नसीब सिंह को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत दोषी ठहराया और सजा सुनाई।