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संवैधानिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा : पाधा
Sun, 23 Feb 2025 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 23 Feb 2025 12:03 AM IST
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बार एसोसिएशन देहरा की बैठक के दौरान अधिवक्ता वर्ग। स्रोत: बार एसोसिएशन
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। बार एसोसिएशन देहरा में अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में एक बैठक का आयोजन किया। देहरा बार एसोसिएशन के प्रधान अभिषेक पाधा ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से उनके संवैधानिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। इस बिल के प्रस्तावित संशोधनों में वकीलों की स्वतंत्रता और संगठन के अधिकारों को कम करने की कोशिश की जा रही है। इस विधेयक में सबसे विवादास्पद धारा 35ए है।
इसके तहत यह कहा गया है कि कोई भी अधिवक्ता संघ या उसका कोई सदस्य, व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से अदालत के कार्य का बहिष्कार करने या उससे दूर रहने का आह्वान नहीं कर सकता। इसके खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष है। उन्होंने कहा कि अपनी आपत्तियों को दर्ज करने के लिए बार एसोसिएशन ने एक कमेटी का गठन किया है। इसमें एडवोकेट रमन सूद, अमित राणा, सुशील जम्वाल, अक्षय गुलेरिया और भवनेश पराशर को शामिल किया है। यह कमेटी इस प्रस्तावित विधेयक के विरोध में क्रमवार आपत्तियां तैयार करेंगी ताकि बार कौंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के पास इन आपत्तियों को दर्ज करवाया जा सके।
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इसके तहत यह कहा गया है कि कोई भी अधिवक्ता संघ या उसका कोई सदस्य, व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से अदालत के कार्य का बहिष्कार करने या उससे दूर रहने का आह्वान नहीं कर सकता। इसके खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष है। उन्होंने कहा कि अपनी आपत्तियों को दर्ज करने के लिए बार एसोसिएशन ने एक कमेटी का गठन किया है। इसमें एडवोकेट रमन सूद, अमित राणा, सुशील जम्वाल, अक्षय गुलेरिया और भवनेश पराशर को शामिल किया है। यह कमेटी इस प्रस्तावित विधेयक के विरोध में क्रमवार आपत्तियां तैयार करेंगी ताकि बार कौंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के पास इन आपत्तियों को दर्ज करवाया जा सके।
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