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बिना व्यवहार्यता रिपोर्ट बांटा एयरपोर्ट विस्तारीकरण का मुआवजा : समिति
Sun, 24 Aug 2025 07:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 24 Aug 2025 07:02 AM IST
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से गगल हवाई अड्डा विस्तार को लेकर लोगों में भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। बिना व्यवहार्यता रिपोर्ट के ही एयरपोर्ट विस्तारीकरण का मुआवजा बांट दिया है। यह आरोप गगल एयरपोर्ट संघर्ष समिति के अध्यक्ष रजनीश मोना ने समिति के बैठक में लगाया।
मोना ने कहा कि 18 अगस्त को उच्च न्यायालय शिमला में गगल एयरपोर्ट विस्तार मामले की अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी, क्योंकि कोर्ट ने समय किसी अन्य केस को दे दिया। उन्होंने बताया कि समिति के वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि बिना आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट के सरकार ने अवार्ड पास कर लोगों के खातों में मुआवजा डालना शुरू कर दिया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तकनीकी या अन्य कारणों से यह विस्तार परियोजना बंद करनी पड़ी तो यह सरकारी धन की भारी बर्बादी साबित होगी। बड़ी संख्या में लोगों से वितरित धनराशि वापस लेना लगभग असंभव होगा। ऐसे में संबंधित अथॉरिटी को इस नुकसान की भरपाई का सामना करना पड़ सकता है। बैठक में समिति के वरिष्ठ सचिव हंसराज चौधरी, हरीश कटोच, सुजीत सिंह सोनू, नवीन कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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मोना ने कहा कि 18 अगस्त को उच्च न्यायालय शिमला में गगल एयरपोर्ट विस्तार मामले की अंतिम सुनवाई नहीं हो सकी, क्योंकि कोर्ट ने समय किसी अन्य केस को दे दिया। उन्होंने बताया कि समिति के वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि बिना आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट के सरकार ने अवार्ड पास कर लोगों के खातों में मुआवजा डालना शुरू कर दिया है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तकनीकी या अन्य कारणों से यह विस्तार परियोजना बंद करनी पड़ी तो यह सरकारी धन की भारी बर्बादी साबित होगी। बड़ी संख्या में लोगों से वितरित धनराशि वापस लेना लगभग असंभव होगा। ऐसे में संबंधित अथॉरिटी को इस नुकसान की भरपाई का सामना करना पड़ सकता है। बैठक में समिति के वरिष्ठ सचिव हंसराज चौधरी, हरीश कटोच, सुजीत सिंह सोनू, नवीन कुमार सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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