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Kangra News: भूमिहीन पौंग बांध विस्थापितों गठित की कमेटी, संघर्ष की रणनीति तैयार
Sat, 05 Sep 2026 08:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 05 Sep 2026 08:40 AM IST
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रैहन (कांगड़ा)। भूमिहीन पौंग बांध विस्थापितों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर नई कमेटी गठित कर दी है। इसके साथ ही विश्राम गृह जवाली में आयोजित विस्थापित परिवारों की एक अहम बैठक में हक की लड़ाई तेज करने के लिए आगामी संघर्ष की रणनीति भी तैयार कर ली है। बैठक की अगुवाई साहित्यकार पंकज दर्शी और सरदार प्रेम सिंह ने संयुक्त रूप से की।
बैठक के दौरान विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वसम्मति से कन्वीनर कमेटी बनाई गई। इसमें उजागर सिंह को अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा कमेटी में अशोक कुमार, प्रताप चंद, अशोक वीरवंशी, संजय कुमार, विजय कुमार, कर्म चंद और प्रकाश चंद को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
नवनियुक्त कमेटी ने संकल्प लिया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को हिमाचल प्रदेश सरकार, राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि बांध निर्माण के समय करीब पांच हजार ऐसे परिवार विस्थापित हुए थे, जो दूसरों की जमीनों पर खेती करते थे या छोटे-मोटे स्वरोजगार से गुजर-बसर करते थे। इन परिवारों को आज तक पुनर्वास का हक नहीं मिल सका है।
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कमेटी ने तय किया कि हक मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस कड़ी में अगली बैठक 6 सितंबर को नगरोटा बगवां में हिमाचल प्रदेश किसान सभा के साथ आयोजित की जाएगी।
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बैठक के दौरान विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वसम्मति से कन्वीनर कमेटी बनाई गई। इसमें उजागर सिंह को अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा कमेटी में अशोक कुमार, प्रताप चंद, अशोक वीरवंशी, संजय कुमार, विजय कुमार, कर्म चंद और प्रकाश चंद को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
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नवनियुक्त कमेटी ने संकल्प लिया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को हिमाचल प्रदेश सरकार, राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष पूरी मजबूती के साथ उठाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि बांध निर्माण के समय करीब पांच हजार ऐसे परिवार विस्थापित हुए थे, जो दूसरों की जमीनों पर खेती करते थे या छोटे-मोटे स्वरोजगार से गुजर-बसर करते थे। इन परिवारों को आज तक पुनर्वास का हक नहीं मिल सका है।
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कमेटी ने तय किया कि हक मिलने तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। इस कड़ी में अगली बैठक 6 सितंबर को नगरोटा बगवां में हिमाचल प्रदेश किसान सभा के साथ आयोजित की जाएगी।