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Kangra News: फोरलेन कार्य की रफ्तार से उड़ रहा गर्द का गुबार, धूल से आंखें लाचार
Tue, 13 Oct 2026 08:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 13 Oct 2026 08:53 AM IST
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कपिल कुमार, वाहन चालक।
धर्मशाला। ठानपुरी-परौर निर्माणाधीन फोरलेन पर काम की गति के साथ उड़ रही गर्द ने राहगीरों और वाहन चालकों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। ठानपुरी से लेकर सुनेहड़ पुल तक करीब 200 मीटर के हिस्से में निर्माण कार्य के चलते हवा में धूल का ऐसा गुबार तैर रहा है कि सामने का रास्ता तक साफ दिखाई नहीं दे रहा।
रफ्तार के नाम पर उड़ती इस बेतहाशा धूल से जहां दृश्यता घटने से हर पल हादसों का अंदेशा बना हुआ है, वहीं आंखों में जलन और सांस की तकलीफ से मुसाफिर बेहाल हैं। सोमवार को धरातल पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे संवाददाता ने पाया कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन उड़ती गर्द के कारण वाहनों के पहिये थम रहे हैं और गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं।
सड़क से उठती धूल सीधे रिहायशी मकानों और दुकानों के भीतर घुस रही है, जिससे स्थानीय कारोबारियों और बाशिंदों का जीना दूभर हो चुका है। स्थानीय निवासियों नितिन कुमार, अमरीक सिंह, सुनील कुमार, पवन, राज कुमार, संजीव, प्रदीप, सरोज कुमारी, रमना, सुनीता, कांता देवी और सीता देवी ने निर्माण कंपनी के ढुलमुल रवैये पर भारी रोष जताया है।
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लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर धूल थामने के कोई ठोस प्रबंध नहीं किए गए हैं। जनता ने मांग की है कि इस हिस्से पर दिन में कम से कम 4 से 5 बार नियमित पानी का छिड़काव किया जाए ताकि उड़ती गर्द से राहत मिल सके।
मेरा दुकानदारी का काम है। सामान लेने के सिलसिले में नगरोटा बगवां तक आना-जाना लगा रहता है। निर्माण कार्य के चलते ठानपुरी पहुंचते ही सड़क पर उड़ती धूल का सामना करना पड़ता है। गर्द इतनी ज्यादा है कि यहां चलना तक दूभर हो जाता है। -रजनीश कुमार, 53 मील
उड़ती धूल के कारण मार्ग पर दृश्यता घट रही है और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई दोपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। निर्माण कंपनी को चाहिए कि दिन में समय-समय पर पानी का छिड़काव करवाए। -कपिल कुमार, वाहन चालक
सड़क निर्माण की धूल हमारे घरों के भीतर तक पहुंच रही है। घर के बाहर बैठना मुहाल हो गया है। सामान शाम तक मिट्टी से भर जाता है। दिन में एक-दो बार का छिड़काव नाकाफी है, कंपनी को कम से कम 4 से 5 बार पानी डालना चाहिए। -साहिल कुमार, स्थानीय निवासी
ठानपुरी से सुनेहड़ पुल तक मार्ग का निर्माण कार्य जारी है। यदि उस हिस्से में अत्यधिक धूल उड़ रही है, तो वहां तैनात कर्मियों को दिन में 3 से 4 बार पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। -रोहित ठाकुर, साइट इंजीनियर, फोरलेन निर्माण कंपनी
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रफ्तार के नाम पर उड़ती इस बेतहाशा धूल से जहां दृश्यता घटने से हर पल हादसों का अंदेशा बना हुआ है, वहीं आंखों में जलन और सांस की तकलीफ से मुसाफिर बेहाल हैं। सोमवार को धरातल पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे संवाददाता ने पाया कि इस व्यस्त मार्ग से रोजाना एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन उड़ती गर्द के कारण वाहनों के पहिये थम रहे हैं और गाड़ियां रेंगने को मजबूर हैं।
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सड़क से उठती धूल सीधे रिहायशी मकानों और दुकानों के भीतर घुस रही है, जिससे स्थानीय कारोबारियों और बाशिंदों का जीना दूभर हो चुका है। स्थानीय निवासियों नितिन कुमार, अमरीक सिंह, सुनील कुमार, पवन, राज कुमार, संजीव, प्रदीप, सरोज कुमारी, रमना, सुनीता, कांता देवी और सीता देवी ने निर्माण कंपनी के ढुलमुल रवैये पर भारी रोष जताया है।
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लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर धूल थामने के कोई ठोस प्रबंध नहीं किए गए हैं। जनता ने मांग की है कि इस हिस्से पर दिन में कम से कम 4 से 5 बार नियमित पानी का छिड़काव किया जाए ताकि उड़ती गर्द से राहत मिल सके।
मेरा दुकानदारी का काम है। सामान लेने के सिलसिले में नगरोटा बगवां तक आना-जाना लगा रहता है। निर्माण कार्य के चलते ठानपुरी पहुंचते ही सड़क पर उड़ती धूल का सामना करना पड़ता है। गर्द इतनी ज्यादा है कि यहां चलना तक दूभर हो जाता है। -रजनीश कुमार, 53 मील
उड़ती धूल के कारण मार्ग पर दृश्यता घट रही है और फिसलन से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई दोपहिया वाहन चालक यहां फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। निर्माण कंपनी को चाहिए कि दिन में समय-समय पर पानी का छिड़काव करवाए। -कपिल कुमार, वाहन चालक
सड़क निर्माण की धूल हमारे घरों के भीतर तक पहुंच रही है। घर के बाहर बैठना मुहाल हो गया है। सामान शाम तक मिट्टी से भर जाता है। दिन में एक-दो बार का छिड़काव नाकाफी है, कंपनी को कम से कम 4 से 5 बार पानी डालना चाहिए। -साहिल कुमार, स्थानीय निवासी
ठानपुरी से सुनेहड़ पुल तक मार्ग का निर्माण कार्य जारी है। यदि उस हिस्से में अत्यधिक धूल उड़ रही है, तो वहां तैनात कर्मियों को दिन में 3 से 4 बार पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए जाएंगे ताकि वाहन चालकों और राहगीरों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े। -रोहित ठाकुर, साइट इंजीनियर, फोरलेन निर्माण कंपनी

कपिल कुमार, वाहन चालक।

कपिल कुमार, वाहन चालक।

कपिल कुमार, वाहन चालक।

कपिल कुमार, वाहन चालक।

कपिल कुमार, वाहन चालक।