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केंद्र सरकार ने दी हिमाचल को उदार वित्तीय सहायता : इंदु गोस्वामी
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धर्मशाला। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने विशेष सहायता के तहत हिमाचल प्रदेश को पूंजी निवेश के लिए वर्ष 2020-21 से जनवरी 2026 तक कुल 8,309 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। यह राशि वित्त आयोग की सिफारिशों से अतिरिक्त है।
उन्होंने बताया कि यह सहायता 50 वर्षों की ब्याज-मुक्त अवधि के लिए दी गई है, जिसका संपूर्ण ब्याज भार केंद्र सरकार स्वयं वहन करेगी। गोस्वामी ने बताया कि राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को पूंजी निवेश के लिए वर्ष 2020-21 में 533 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 651 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 1,516 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 2,381 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) 2,428 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश की सभी रेलवे लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया गया है, जबकि कांग्रेस के वर्ष 2009 से 2014 के पांच वर्ष के शासनकाल में राज्य में एक भी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण नहीं किया गया था। राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 13,168 करोड़ रुपये की लागत से 255 किलोमीटर लंबी चार रेलवे परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से जारी है।
इसके साथ ही अंब-अंदौरा, बैजनाथ-पपरोला, पालमपुर और शिमला रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। गोस्वामी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय करों में 13,949 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में राज्य को 10,243 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड प्रदान की गई थी। ब्यूरो
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उन्होंने बताया कि यह सहायता 50 वर्षों की ब्याज-मुक्त अवधि के लिए दी गई है, जिसका संपूर्ण ब्याज भार केंद्र सरकार स्वयं वहन करेगी। गोस्वामी ने बताया कि राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को पूंजी निवेश के लिए वर्ष 2020-21 में 533 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 651 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 1,516 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 2,381 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) 2,428 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश की सभी रेलवे लाइनों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर दिया गया है, जबकि कांग्रेस के वर्ष 2009 से 2014 के पांच वर्ष के शासनकाल में राज्य में एक भी रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण नहीं किया गया था। राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 13,168 करोड़ रुपये की लागत से 255 किलोमीटर लंबी चार रेलवे परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से जारी है।
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इसके साथ ही अंब-अंदौरा, बैजनाथ-पपरोला, पालमपुर और शिमला रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। गोस्वामी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय करों में 13,949 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में राज्य को 10,243 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड प्रदान की गई थी। ब्यूरो
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