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Kangra News: अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करें बीएमओ
Wed, 26 Aug 2026 02:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:08 AM IST
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धर्मशाला। जिले में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कांगड़ा डॉ. ओमेश कुमार भारती की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति एवं जिला उपयुक्त प्राधिकरण की अहम बैठक हुई।
सीएमओ ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित निजी व सरकारी क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजाब सीमा से सटे इलाकों में चल रहे केंद्रों की मॉनिटरिंग और कड़ी करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो बिना देरी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट तुरंत सीएमओ कार्यालय को भेजी जाए। सभी केंद्रों को मुख्य और स्पष्ट स्थान पर यहां भ्रूण की लिंग जांच नहीं होती का सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। सीएमओ ने दो टूक कहा कि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त कुल 16 आवेदनों की समीक्षा की गई। इनमें से 12 पात्र आवेदनों को मौके पर ही मंजूरी प्रदान कर दी गई। शेष मामलों में जरूरी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला अटॉर्नी एनएस चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सूद, डॉ. मनीषा, एसएमओ डॉ. सुनील भट्ट था गैर सरकारी सदस्य सुनीता, नीलम कुमारी और इंदू कुमारी उपस्थित रहीं।
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सीएमओ ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में संचालित निजी व सरकारी क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंजाब सीमा से सटे इलाकों में चल रहे केंद्रों की मॉनिटरिंग और कड़ी करने को कहा।
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निरीक्षण के दौरान यदि किसी केंद्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो बिना देरी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और रिपोर्ट तुरंत सीएमओ कार्यालय को भेजी जाए। सभी केंद्रों को मुख्य और स्पष्ट स्थान पर यहां भ्रूण की लिंग जांच नहीं होती का सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। सीएमओ ने दो टूक कहा कि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बैठक में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त कुल 16 आवेदनों की समीक्षा की गई। इनमें से 12 पात्र आवेदनों को मौके पर ही मंजूरी प्रदान कर दी गई। शेष मामलों में जरूरी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला अटॉर्नी एनएस चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सूद, डॉ. मनीषा, एसएमओ डॉ. सुनील भट्ट था गैर सरकारी सदस्य सुनीता, नीलम कुमारी और इंदू कुमारी उपस्थित रहीं।