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Kangra News: उधारी के भवन में चल रहा बी फार्मेसी कॉलेज
Sun, 09 Mar 2025 12:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:04 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। सुलह विधानसभा क्षेत्र के ननाओं में बनने वाला बी फार्मेसी कॉलेज तीन साल बाद भी अधर में लटका हुआ है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में मंजूर इस कॉलेज के लिए छह एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। मगर अब तक संस्थान के भवन की एक ईंट अभी तक नहीं लग पाई है। फिलहाल कक्षाएं नौरा कॉलेज के उधारी के भवन में चलाई जा रही हैं। इससे छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने अपने कार्यकाल में इस कॉलेज को मंजूरी दिलाई थी। भवन निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था, लेकिन 2022 में भाजपा सरकार जाने के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। बी फार्मेसी कालेज के नोडल अधिकारी ई. विनोद कुमार ने बताया कि ननाओं में प्रस्तावित अक्षैणा महादेव मंदिर के पास इस कैंपस की जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हो चुकी है। अब आगे का काम लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है।
इस कैंपस का काम लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है। लेकिन अभी तक इसका टेंडर भी नहीं हुआ है, जबकि पुख्ता सूत्रों की मानें तो भारी बजट के तहत बनने वाले इस भवन के लिए पैसा ही मंजूर नहीं हुआ है। इससे इसका काम शुरु होने की अभी कोई उम्मीद दिखाई नहीं देती है।
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वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश चोपड़ा के अनुसार 34 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर निदेशक, तकनीकी शिक्षा विभाग सुंदरनगर को भेजी जा चुकी है। मगर बजट की मंजूरी न मिलने के कारण अभी तक टेंडर तक जारी नहीं हुआ है।
सरकारी पक्ष की दलील, भूमि में तकनीकी खामियां
राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर है। मगर चिह्नित भूमि में कुछ तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अन्य स्थानों पर भी कॉलेज भवन के लिए जगह तलाशी जा सकती है।
विधायक परमार बोले, ये प्रदेश सरकार की नाकामी
सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि भाजपा सरकार में मंजूर इस महत्वपूर्ण संस्थान का भवन न बन पाना सरकार की नाकामी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज सुलह क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ी सुविधा थी, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते आज भी विद्यार्थी उधारी के भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।
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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने अपने कार्यकाल में इस कॉलेज को मंजूरी दिलाई थी। भवन निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत किया गया था, लेकिन 2022 में भाजपा सरकार जाने के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। बी फार्मेसी कालेज के नोडल अधिकारी ई. विनोद कुमार ने बताया कि ननाओं में प्रस्तावित अक्षैणा महादेव मंदिर के पास इस कैंपस की जमीन तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हो चुकी है। अब आगे का काम लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है।
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इस कैंपस का काम लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना है। लेकिन अभी तक इसका टेंडर भी नहीं हुआ है, जबकि पुख्ता सूत्रों की मानें तो भारी बजट के तहत बनने वाले इस भवन के लिए पैसा ही मंजूर नहीं हुआ है। इससे इसका काम शुरु होने की अभी कोई उम्मीद दिखाई नहीं देती है।
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वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश चोपड़ा के अनुसार 34 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर निदेशक, तकनीकी शिक्षा विभाग सुंदरनगर को भेजी जा चुकी है। मगर बजट की मंजूरी न मिलने के कारण अभी तक टेंडर तक जारी नहीं हुआ है।
सरकारी पक्ष की दलील, भूमि में तकनीकी खामियां
राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर है। मगर चिह्नित भूमि में कुछ तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें दूर करने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अन्य स्थानों पर भी कॉलेज भवन के लिए जगह तलाशी जा सकती है।
विधायक परमार बोले, ये प्रदेश सरकार की नाकामी
सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि भाजपा सरकार में मंजूर इस महत्वपूर्ण संस्थान का भवन न बन पाना सरकार की नाकामी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह कॉलेज सुलह क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ी सुविधा थी, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते आज भी विद्यार्थी उधारी के भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।