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होली पर केमिक्लयुक्त रंगों से करें परहेज, केवल हर्बल रंग लाएं : डॉ. अभिनव
Thu, 13 Mar 2025 12:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:35 AM IST
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धर्मशाला। होली के अवसर पर केमिकलयुक्त रंग त्वचा को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। केमिकलयुक्त रंग का इस्तेमाल करने से जिन लोगों की स्किन सेंसिटिव होती है, उन्हें एलर्जी होना आम बात है।
इसके अलावा त्वचा ड्राई हो जाती है और जलन होने लगती है। ऐसे में जिन व्यक्ति की स्किन सेंसिटिव है, वे केवल हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। रंग लगाने से पहले शरीर पर सरसों या नारियल का तेल लगा लें। इससे त्वचा को कुछ हद तक राहत मिलती है। अगर किसी को रंग से एलर्जी हो जाए, तो तुरंत मुंह को साफ पानी और साबुन से धोएं और डॉक्टर से जांच करवाएं। बिना डॉक्टर के परामर्श से कोई भी दवाई न लें।
अगर गलती से रंग किसी के पेट में चला जाता है, तो इससे इंफेक्शन हो सकता है। वहीं, आंखों में रंग जाने पर जलन और एलर्जी हो सकती है। आंखों में रंग जाने के बाद उन्हें तुरंत साफ पानी से धोएं। जितना हो सके हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें।
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होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाली केमिकल्स और पिगमेंट्स त्वचा को शुष्क बना सकते हैं, जिससे स्किन रुखी और बेजान लगने लगती है। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर कोई चोट या घाव हो जाए, तो रंगों से फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
कोट
अगर किसी व्यक्ति की स्किन सेंसिटिव है, तो केवल हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। केमिकलयुक्त रंगों से त्वचा में एलर्जी और जलन हो सकती है। अगर ऐसा हो तो तुंरत मुंह को साफ पानी और साबुन से धोएं। वहीं, जलन या सूजन होने पर डॉक्टर से त्वचा की जांच करवाएं। स्किन पर रंग लगे रहने से त्वचा को ज्यादा रगड़ने से बचें।
-डॉ. अभिनव, त्वचा रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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इसके अलावा त्वचा ड्राई हो जाती है और जलन होने लगती है। ऐसे में जिन व्यक्ति की स्किन सेंसिटिव है, वे केवल हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। रंग लगाने से पहले शरीर पर सरसों या नारियल का तेल लगा लें। इससे त्वचा को कुछ हद तक राहत मिलती है। अगर किसी को रंग से एलर्जी हो जाए, तो तुरंत मुंह को साफ पानी और साबुन से धोएं और डॉक्टर से जांच करवाएं। बिना डॉक्टर के परामर्श से कोई भी दवाई न लें।
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अगर गलती से रंग किसी के पेट में चला जाता है, तो इससे इंफेक्शन हो सकता है। वहीं, आंखों में रंग जाने पर जलन और एलर्जी हो सकती है। आंखों में रंग जाने के बाद उन्हें तुरंत साफ पानी से धोएं। जितना हो सके हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें।
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होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाली केमिकल्स और पिगमेंट्स त्वचा को शुष्क बना सकते हैं, जिससे स्किन रुखी और बेजान लगने लगती है। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर कोई चोट या घाव हो जाए, तो रंगों से फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
कोट
अगर किसी व्यक्ति की स्किन सेंसिटिव है, तो केवल हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। केमिकलयुक्त रंगों से त्वचा में एलर्जी और जलन हो सकती है। अगर ऐसा हो तो तुंरत मुंह को साफ पानी और साबुन से धोएं। वहीं, जलन या सूजन होने पर डॉक्टर से त्वचा की जांच करवाएं। स्किन पर रंग लगे रहने से त्वचा को ज्यादा रगड़ने से बचें।
-डॉ. अभिनव, त्वचा रोग विशेषज्ञ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला