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आशा वर्करों के मानदेय में मात्र 300 रुपये की बढ़ोतरी भद्दा मजाक : राणा
Wed, 02 Apr 2025 01:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:07 AM IST
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नूरपुर (कांगड़ा)। आशा वर्कर संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को नूरपुर में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आशा वर्कर संघ की प्रदेश महामंत्री शशि लता भी विशेष रूप से मौजूद रहीं।
बैठक में आशा वर्कर की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा ने प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट में आशा वर्कर के मानदेय में मात्र 300 रुपये की बढ़ोतरी को एक भद्दा मजाक बताते हुए सरकार पर आशा वर्कर का शोषण करने का आरोप लगाया।
मदन राणा और आशा वर्कर संघ की प्रदेश महामंत्री शशि लता ने कहा कि एक आशा वर्कर से विभाग की ओर से जितना काम लिया जाता है, उसकी एवज में उनको दिया जाने वाला मानदेय बहुत कम है। विभाग के अधिकारी उनसे सुबह नौ से शाम चार बजे तक काम लेते हैं और उन्हें पीएचसी में बिठाए रखते हैं, जबकि उनकी अटेंडेंस लगाने का प्रावधान नहीं है।
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मदन राणा ने सरकार और विभाग के अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अगर आशा वर्कर का शोषण बंद नहीं हुआ तो उन्हें संघ का कड़ा विरोध देखने को मिलेगा। संवाद
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बैठक में आशा वर्कर की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा ने प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट में आशा वर्कर के मानदेय में मात्र 300 रुपये की बढ़ोतरी को एक भद्दा मजाक बताते हुए सरकार पर आशा वर्कर का शोषण करने का आरोप लगाया।
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मदन राणा और आशा वर्कर संघ की प्रदेश महामंत्री शशि लता ने कहा कि एक आशा वर्कर से विभाग की ओर से जितना काम लिया जाता है, उसकी एवज में उनको दिया जाने वाला मानदेय बहुत कम है। विभाग के अधिकारी उनसे सुबह नौ से शाम चार बजे तक काम लेते हैं और उन्हें पीएचसी में बिठाए रखते हैं, जबकि उनकी अटेंडेंस लगाने का प्रावधान नहीं है।
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मदन राणा ने सरकार और विभाग के अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि अगर आशा वर्कर का शोषण बंद नहीं हुआ तो उन्हें संघ का कड़ा विरोध देखने को मिलेगा। संवाद