बैजनाथ (कांगड़ा)। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बैजनाथ पपरोला रेलवे स्टेशन पर सात करोड़ रुपये खर्च कर दी गईं आधुनिक सुविधाएं यात्रियों के लिए अभी भी सपना बनी हुई हैं। स्टेशन पर आधुनिक शौचालय उद्घाटन के बाद भी ताले से बंद हैं, जिस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। 22 मई 2025 को इस पुनर्विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन का शुभारंभ पीएम मोदी ने किया था। स्थानीय निवासी प्रोमिला देवी, हर्ष, अक्षम, रोहित ठाकुर, मीना देवी, जतिन, समिता चौहान और राम कुमार ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यात्रियों को सुविधा देने के उद्देश्य से तैयार की गई ये आधुनिक सुविधाएं अब तक ताले में जकड़ी हुई हैं।
महिलाएं और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर कैंटीन भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है। सूत्रों के मुताबिक दस्तावेज की औपचारिकताओं के पूरा न होने और कर्मियों की तैनाती न होने के कारण ये सुविधाएं जनता के लिए उपयोग में नहीं लाई जा सकीं। इतना ही नहीं, इन शौचालयों में कीमती और ब्रांडेड फिटिंग्स लगी हैं, जिसके चलते इनकी सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी नियुक्त करना भी जरूरी है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। उधर, रेलवे स्टेशन अधीक्षक देश राज ने बताया कि इस संबंध अधिकांश औपचारिकताओं को पूरा कर लिया है और उम्मीद है कि आगामी दो सप्ताह के भीतर इनको सुचारू कर दिया जाएगा। फिलहाल लोग पुराने शौचालयों का उपयोग कर सकते हैं।