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Kangra News: लंबित मांगें पूरी न होने पर भड़के कृषि विवि के पेंशनर
Sun, 14 Sep 2025 05:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 14 Sep 2025 05:42 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर पेंशनर सभा की बैठक शनिवार को अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार फुल्ल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन पेंशनर्स को अब तक लीव इनकैशमेंट नहीं मिली है, उनके लिए अलग से प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
पेंशनरों ने बताया कि 38 पेंशनर्स को लीव इनकैशमेंट तो विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट के निर्देश पर दे दी है, लेकिन वह भी अधूरी दी गई है। इससे पेंशनरों में गहरा रोष व्याप्त है। पेंशनरों ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलाधिपति से लंबित मामलों के जल्द निपटारे की मांग की। सभा का कहना है कि भुगतान न होने से पेंशनर्स को बार-बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार से भी कोई अतिरिक्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है। यहां तक कि 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनर्स के बकाया भी अब तक नहीं दिए गए, जबकि सरकारी क्षेत्र में इसका भुगतान किया जा चुका है। पेंशनर्स सभा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कृषि विश्वविद्यालय को आर्थिक संकट से राहत दिलाई जाए, ताकि यह कृषि क्षेत्र में अपने योगदान और उपलब्धियों की निरंतरता बनाए रख सके। बैठक में डॉ. सुदर्शना भटेडिया, ठाकुर चतुर सिंह, इंजीनियर आईएस गुलेरिया, मनसा राम रणौत सहित कई पेंशनर मौजूद रहे।
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पेंशनरों ने बताया कि 38 पेंशनर्स को लीव इनकैशमेंट तो विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट के निर्देश पर दे दी है, लेकिन वह भी अधूरी दी गई है। इससे पेंशनरों में गहरा रोष व्याप्त है। पेंशनरों ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलाधिपति से लंबित मामलों के जल्द निपटारे की मांग की। सभा का कहना है कि भुगतान न होने से पेंशनर्स को बार-बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।
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विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार से भी कोई अतिरिक्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है। यहां तक कि 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनर्स के बकाया भी अब तक नहीं दिए गए, जबकि सरकारी क्षेत्र में इसका भुगतान किया जा चुका है। पेंशनर्स सभा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कृषि विश्वविद्यालय को आर्थिक संकट से राहत दिलाई जाए, ताकि यह कृषि क्षेत्र में अपने योगदान और उपलब्धियों की निरंतरता बनाए रख सके। बैठक में डॉ. सुदर्शना भटेडिया, ठाकुर चतुर सिंह, इंजीनियर आईएस गुलेरिया, मनसा राम रणौत सहित कई पेंशनर मौजूद रहे।
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