फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Agricultural experts visited fields to promote the cultivation of red rice.

Kangra News: लाल धान की खेती को बढ़ावा देने खेतों में पहुंचे कृषि विशेषज्ञ

Fri, 09 Oct 2026 01:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Fri, 09 Oct 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
Agricultural experts visited fields to promote the cultivation of red rice.
पालमपुर (कांगड़ा)। मधुमेह रोगियों और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाने वाले देशी लाल धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विशेषज्ञ किसानों को खेतों में जाकर जागरूक कर रहे हैं।
विज्ञापन

विशेषज्ञ किसानों के खेतों में उन्हें लाल धान की अधिक पैदावार के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि वे इसकी खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
खेतों में फसल की वर्तमान स्थिति, पौधों की वृद्धि, फसल प्रबंधन, रोग व कीट की स्थिति और उत्पादन की संभावनाओं का मौके पर अवलोकन व समीक्षा की गई। विशेषज्ञों ने किसानों के साथ खेतों में खड़ी फसल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।
विज्ञापन

विशेषज्ञों ने कहा सफेद धान की तुलना लाल धान में अधिक फाइवर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स होते है, जबकि आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर ये धान खून की कमी को भी दूर करता है। वहीं, ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के यह कारण यह धान मधुमेह के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है। बाजार में बढ़ती मांग को लेकर लाल धान की अधिक खेती कर किसान काफी लाभ कमा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

लाल धान को लेकर खंड परियोजना प्रबंधन इकाई पालमपुर की ओर से हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण परियोजना जायका के अंतर्गत शैप पद्धति आधारित लाल धान की खेती पर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बहाव सिंचाई योजना वैदां दी कूहल में लाभार्थी किसानों ने भाग लिया। शैप पद्धति का मुख्य उद्देश्य किसानों में बाजार में मांग के अनुसार फसल का चयन कर उत्पादन करना और अधिकतम आमदनी प्राप्त करना है।
प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. डीपी पांडे और धान एवं गेहूं अनुसंधान केंद्र मलां की वैज्ञानिक डॉ. शबनम कटोच ने किसानों को लाल धान की वैज्ञानिक ढंग से खेती करने की जानकारी दी। इस दौरान उन्हें उर्वरकों के उचित चयन, रोग व कीट प्रबंधन और बेहतर उत्पादन के बारे में बताया।

डॉ. रजनीश शर्मा, विषय विशेषज्ञ जिला परियोजना प्रबंधन इकाई पालमपुर ने किसानों को शैप पद्धति बारे व आगामी रबी की फसल के बारे में बताया। इस दौरान डॉ. योगेंद्र पॉल कौशल जिला परियोजना प्रबंधक, पालमपुर व अमित भूषण खंड परियोजना प्रबंधक पालमपुर और खंड परियोजना प्रबंधन इकाई पालमपुर के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed