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चरस रखने के दोषी को एक साल कठोर कारावास
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धर्मशाला। कार में नशा लेकर जा रहे नशा तस्कर को अदालत ने एक साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर दोषी को तीन माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। यह सजा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-एक प्रीति ठाकुर की अदालत ने सुनाई है।
जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने बताया कि नौ मार्च, 2010 को पुलिस ने कंडवाल बैरियर में नाका लगाया था। इस दौरान जसूर से एक कार (एचपी-36-ए-0782) को जांच के लिए रोका। गाड़ी में अतुल कुमार निवासी जसूर और यशपाल निवासी टूंड सुगनाड़ा बैठे हुए थे। पुलिस ने जब उनका नाम पूछा तो दोनों घबरा गए। इस पर पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो अतुल की जेब से 60 ग्राम हेरोइन, 100 ग्राम अफीम और गाड़ी के डैशबोर्ड से 150 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने यह नशीले पदार्थ जिला मंडी में सौरभ से खरीदे थे। वहीं आरोपियों की शिनाख्त पर पुलिस ने सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं न्यायालय में केस चलते हुए यशपाल की मौत हो गई। वहीं सौरभ के खिलाफ कोई सबूत पेश न होने के चलते उसे बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने की। इस मामले में न्यायालय में कुल आठ गवाह पेश किए गए। इसके आधार पर चरस के आरोप सिद्ध हुए, जबकि कानूनी औपचारिकताओं के चलते हेरोइन व अफीम में आरोप सिद्ध नहीं हो पाया। न्यायालय के पेश किए गए गवाहों के बयानों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश नंबर एक प्रीति ठाकुर ने चरस बरामदी के दोष सिद्ध होने के अतुल का एक साल कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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जिला न्यायवादी भुवनेश मिन्हास ने बताया कि नौ मार्च, 2010 को पुलिस ने कंडवाल बैरियर में नाका लगाया था। इस दौरान जसूर से एक कार (एचपी-36-ए-0782) को जांच के लिए रोका। गाड़ी में अतुल कुमार निवासी जसूर और यशपाल निवासी टूंड सुगनाड़ा बैठे हुए थे। पुलिस ने जब उनका नाम पूछा तो दोनों घबरा गए। इस पर पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो अतुल की जेब से 60 ग्राम हेरोइन, 100 ग्राम अफीम और गाड़ी के डैशबोर्ड से 150 ग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्होंने यह नशीले पदार्थ जिला मंडी में सौरभ से खरीदे थे। वहीं आरोपियों की शिनाख्त पर पुलिस ने सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं न्यायालय में केस चलते हुए यशपाल की मौत हो गई। वहीं सौरभ के खिलाफ कोई सबूत पेश न होने के चलते उसे बरी कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी अतिरिक्त जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने की। इस मामले में न्यायालय में कुल आठ गवाह पेश किए गए। इसके आधार पर चरस के आरोप सिद्ध हुए, जबकि कानूनी औपचारिकताओं के चलते हेरोइन व अफीम में आरोप सिद्ध नहीं हो पाया। न्यायालय के पेश किए गए गवाहों के बयानों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश नंबर एक प्रीति ठाकुर ने चरस बरामदी के दोष सिद्ध होने के अतुल का एक साल कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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