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Kangra News: अतिरिक्त वजन दिखाकर शुल्क वसूलने पर कंपनी पर कार्रवाई
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धर्मशाला। ऑनलाइन कारोबार से जुड़े एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग कांगड़ा ने लॉजिस्टिक एग्रीगेटर कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 24 हजार रुपये मुआवजा और वाद खर्च अदा करने के आदेश दिए हैं। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
आयोग के समक्ष पालमपुर की आईमा निवासी अनिशा शर्मा की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2022 से निंबस पोस्ट प्राइवेट लिमिटेड की लॉजिस्टिक सेवाओं का उपयोग कर रही थीं। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने 28 जून 2023 से पार्सलों पर अतिरिक्त वजन और फ्रेट चार्ज लगाने शुरू कर दिए। आरोप लगाया गया कि 500 ग्राम से कम वजन वाले पार्सलों को 2.5 किलोग्राम या उससे अधिक श्रेणी में दिखाकर प्रति पार्सल करीब 500 रुपये अतिरिक्त काटे गए। इससे ई-वॉलेट से कुल 49,729 रुपये की राशि काट ली गई।
शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि कंपनी ने वॉल्यूमेट्रिक वेट के आधार पर शुल्क वसूला जबकि वास्तविक वजन के अनुसार ही चार्ज लिया जाना चाहिए था। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि सेलर एग्रीमेंट के तहत वास्तविक या वॉल्यूमेट्रिक वजन में जो अधिक होगा उसी के आधार पर शुल्क तय किया जाता है।
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मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्यों ने पाया कि शिकायतकर्ता को वॉल्यूमेट्रिक वेट प्रणाली लागू करने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। आयोग ने माना कि वास्तविक वजन 500 ग्राम से कम होने के बावजूद पार्सलों को अधिक वजन श्रेणी में डालना सेवा में कमी है। आयोग ने आदेश में निंबस पोस्ट प्राइवेट लिमिटेड को 60 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को 24 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए। तय अवधि में भुगतान न होने पर शिकायत दायर करने की तिथि से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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आयोग के समक्ष पालमपुर की आईमा निवासी अनिशा शर्मा की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई थी। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2022 से निंबस पोस्ट प्राइवेट लिमिटेड की लॉजिस्टिक सेवाओं का उपयोग कर रही थीं। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने 28 जून 2023 से पार्सलों पर अतिरिक्त वजन और फ्रेट चार्ज लगाने शुरू कर दिए। आरोप लगाया गया कि 500 ग्राम से कम वजन वाले पार्सलों को 2.5 किलोग्राम या उससे अधिक श्रेणी में दिखाकर प्रति पार्सल करीब 500 रुपये अतिरिक्त काटे गए। इससे ई-वॉलेट से कुल 49,729 रुपये की राशि काट ली गई।
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शिकायतकर्ता ने आयोग को बताया कि कंपनी ने वॉल्यूमेट्रिक वेट के आधार पर शुल्क वसूला जबकि वास्तविक वजन के अनुसार ही चार्ज लिया जाना चाहिए था। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि सेलर एग्रीमेंट के तहत वास्तविक या वॉल्यूमेट्रिक वजन में जो अधिक होगा उसी के आधार पर शुल्क तय किया जाता है।
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मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्यों ने पाया कि शिकायतकर्ता को वॉल्यूमेट्रिक वेट प्रणाली लागू करने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी थी। आयोग ने माना कि वास्तविक वजन 500 ग्राम से कम होने के बावजूद पार्सलों को अधिक वजन श्रेणी में डालना सेवा में कमी है। आयोग ने आदेश में निंबस पोस्ट प्राइवेट लिमिटेड को 60 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को 24 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए। तय अवधि में भुगतान न होने पर शिकायत दायर करने की तिथि से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।