{"_id":"69b8119073a32819310bc177","slug":"abhishek-of-ghad-jarot-became-a-lieutenant-in-the-army-kangra-news-c-95-1-kng1044-224642-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: घाड़ जरोट के अभिषेक बने सेना में लेफ्टिनेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: घाड़ जरोट के अभिषेक बने सेना में लेफ्टिनेंट
Tue, 17 Mar 2026 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:49 AM IST
विज्ञापन
घाड जरोट में अभिषेक को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते प्रधानाचार्य प्रदीप परदेसी और अन्य। -स्र
गुलेर/बरियाल (कांगड़ा)। उपमंडल जवाली के गांव घाड़ जरोट के युवा अभिषेक कुमार ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले अभिषेक ने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर यह मुकाम हासिल किया है।
अभिषेक का यह सफर चुनौतियों भरा रहा। बचपन में ही उनके सिर से पिता किशोरी लाल का साया उठ गया था, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों में हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। अपनी सफलता के बाद अभिषेक जब अपने पुराने स्कूल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घाड़ जरोट पहुंचे तो वहां प्रधानाचार्य प्रदीप परदेसी और समस्त स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने बताया कि अभिषेक बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
विज्ञापन
अभिषेक का यह सफर चुनौतियों भरा रहा। बचपन में ही उनके सिर से पिता किशोरी लाल का साया उठ गया था, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों में हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। अपनी सफलता के बाद अभिषेक जब अपने पुराने स्कूल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घाड़ जरोट पहुंचे तो वहां प्रधानाचार्य प्रदीप परदेसी और समस्त स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। प्रधानाचार्य ने बताया कि अभिषेक बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
विज्ञापन