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छोटे किसानों को समर्थन मूल्य का नहीं मिल रहा लाभ : शांता

Thu, 30 Oct 2014 05:33 AM IST
Kangra
Kangra Updated Thu, 30 Oct 2014 05:33 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। भारतीय खाद्य निगम के पुनर्नवीकरण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष एवं कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से सांसद शांता कुमार ने कहा है कि वर्तमान खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था में छोटे और मझोले किसानों को समर्थन मूल्य का समुचित लाभ प्राप्त नहीं होता। केवल 15 प्रतिशत बड़े किसान ही यह लाभ प्राप्त कर पाते हैं, जिससे किसानों में हताशा बढ़ रही है। सरकार 2 लाख करोड़ रुपये किसानों से फसल खरीदने और उपभोक्ताओं को सस्ता अनाज देने के लिए सब्सिडी के रूप में व्यय करती है, लेकिन किसानों से एक समान खरीद नहीं हो पाती और उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त लाभ नहीं मिलता। मिजोरम के आईजोल में उत्तरी, पूर्वी राज्यों के सचिवों एवं भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए शांता ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। यदि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में सफल रहती है तो देश समृद्धि की ओर अग्रसर हो सकता है। देश में पहाड़ी राज्यों (उत्तरी, पूर्वी राज्य) की खाद्यान्न से संबंधित समस्याएं अन्य राज्यों की तुलना में विशिष्ट है। अत: खाद्यान्न प्रबंधन में इन राज्यों के लिए आवंटन के लिए विशेष मानक निर्धारित करने की आवश्यकता है। समिति की बैठक में अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, असम और त्रिपुरा के खाद्य सचिवों ने अपने राज्यों से संबंधित खाद्यान्न प्रबंधन का ब्यौरा समिति को प्रस्तुत किया। इससे पूर्व समिति के सदस्यों ने मिजोरम के मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री से भेंट की।
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