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अल्ट्रासाउंड को आईं महिलाएं बैरंग लौटाईं
Kangra
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। एफआरयू देहरा में मरीजों को कभी डाक्टरों की कमी से तो कभी सही समय पर स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से परेशान होना पड़ता है। लेकिन इस बार देहरा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ा।
करीब ढाई दर्जन महिलाएं अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए सुबह ही देहरा अस्पताल परिसर में पहुंच गई थीं। लेकिन दो-तीन घंटे बीत जाने के बावजूद अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से महिलाओं को सुबह 10 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था। करीब एक बजे तक महिलाएं अस्पताल की तीसरी मंजिल में अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर इंतजार करती दिखीं। महिलाओं के साथ आए तीमारदार अस्पताल के लोगों से बार-बार अल्ट्रासाउंड होने के बारे में पूछ रहे थे। लेकिन कोई सही स्थिति बताने वाला नहीं था। सूत्र बताते हैं कि जब इस बारे में गर्भवती महिला के साथ आए एक तीमारदार ने एसएमओ देहरा से शिकायत की तो उन्होंने एक नोट लिखकर संबंधित डाक्टर को भेजा। लेकिन संबंधित डाक्टर ने एसएमओ का नोट लौटा दिया और कहा कि मुझे और भी काम हैं। फिर तो एसएमओ भी डाक्टर की दबंगई के आगे बेबस दिखे। कई गर्भवती महिलाएं बिना अल्ट्रासाउंड के ही वापस लौट गईं।
महिला प्रवीण कुमारी, सुषमा कुमारी और नीलम कुमारी का कहना है कि वह सुबह करीब साढ़े दस बजे अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंची थीं। लेकिन साढ़े 12 बजे तक अल्ट्रासाउंड न होने के कारण वह वापस घर चली गईं। सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली देख, किसी प्राइवेट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाना सही रहेगा।
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संबंधित डाक्टर से पूछेंगे
एसएमओ देहरा डा. गुरमीत सिंह ने कहा कि वह इस बारे में संबंधित डाक्टर से पूछेंगे और जांच करेंगे।
जांच करेंगे : डोगरा
इस बारे में सीएमओ कांगड़ा डा. केसी डोगरा का कहना है कि अल्ट्रासाउंड सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक करने के निर्देश दिए गए हैं। देहरा अस्पताल में ऐसा क्यों नहीं हो रहा, जांच की जाएगी।
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करीब ढाई दर्जन महिलाएं अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए सुबह ही देहरा अस्पताल परिसर में पहुंच गई थीं। लेकिन दो-तीन घंटे बीत जाने के बावजूद अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाया। जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से महिलाओं को सुबह 10 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था। करीब एक बजे तक महिलाएं अस्पताल की तीसरी मंजिल में अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर इंतजार करती दिखीं। महिलाओं के साथ आए तीमारदार अस्पताल के लोगों से बार-बार अल्ट्रासाउंड होने के बारे में पूछ रहे थे। लेकिन कोई सही स्थिति बताने वाला नहीं था। सूत्र बताते हैं कि जब इस बारे में गर्भवती महिला के साथ आए एक तीमारदार ने एसएमओ देहरा से शिकायत की तो उन्होंने एक नोट लिखकर संबंधित डाक्टर को भेजा। लेकिन संबंधित डाक्टर ने एसएमओ का नोट लौटा दिया और कहा कि मुझे और भी काम हैं। फिर तो एसएमओ भी डाक्टर की दबंगई के आगे बेबस दिखे। कई गर्भवती महिलाएं बिना अल्ट्रासाउंड के ही वापस लौट गईं।
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महिला प्रवीण कुमारी, सुषमा कुमारी और नीलम कुमारी का कहना है कि वह सुबह करीब साढ़े दस बजे अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पहुंची थीं। लेकिन साढ़े 12 बजे तक अल्ट्रासाउंड न होने के कारण वह वापस घर चली गईं। सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली देख, किसी प्राइवेट अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाना सही रहेगा।
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संबंधित डाक्टर से पूछेंगे
एसएमओ देहरा डा. गुरमीत सिंह ने कहा कि वह इस बारे में संबंधित डाक्टर से पूछेंगे और जांच करेंगे।
जांच करेंगे : डोगरा
इस बारे में सीएमओ कांगड़ा डा. केसी डोगरा का कहना है कि अल्ट्रासाउंड सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक करने के निर्देश दिए गए हैं। देहरा अस्पताल में ऐसा क्यों नहीं हो रहा, जांच की जाएगी।