फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   अधिक वजन उठाना मतलब ज्वाइंट पेन

अधिक वजन उठाना मतलब ज्वाइंट पेन

Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
Kangra
Kangra Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। क्षमता से अधिक भार उठाना आपको महंगा साबित हो सकता है। यही नहीं, आप बैसाखियों के सहारे चलने पर भी मजबूर हो सकते हैं। अधिक भार उठाने से आपके घुटने जवाब दे सकते हैं। क्योंकि ज्वाइंट पेन का सबसे बड़ा कारण अत्याधिक भार उठाना है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में अत्याधिक चलना-फिरना, उतराई व चढ़ाई, मोटापा तथा पौष्टिक आहार की कमी भी जोड़ों के दर्द को न्योता दे रही है।
विज्ञापन

कांगड़ा जिले के विभिन्न अस्पतालों में घुटनों व एड़ियों समेत शरीर के अन्य जोड़ों में दर्द के बढ़ते मामलों पर अध्ययन करने के बाद यह खुलासा हुआ है। विशेषज्ञ ने भी अत्याधिक वजन व उतराई-चढ़ाई से ज्वाइंट पेन की बीमारी होने की प्रमाणिकता पर मुहर लगा दी है। जोड़ों के दर्द से ग्रसित मरीज को आम लोगों की तरह चलने फिरने में तथा चौकड़ी मारकर बैठने में दिक्कतें आती हैं। आमतौर पर किसान-बागवान तथा मजदूर वर्ग दिनभर अपने काम में डटा रहता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों की परवाह किए बगैर ही अपनी पीठ पर अत्याधिक भार उठाकर अपने कार्य को अंजाम देते हैं। लेकिन भारी भरकम वजन के कारण वह जाने-अनजाने में ज्वाइंट पेन को न्योता दे रहा है।
विज्ञापन


पौष्टिक आहार पर रखें ध्यान : डा. चौधरी
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला के एमडी डा. अशोक चौधरी ने बताया कि वर्तमान में रोजाना अस्पताल में जोड़ों के दर्द से ग्रसित 70 फीसदी मरीज आते हैं। जोड़ों के दर्द का सबसे बड़ा कारण अत्याधिक वजन उठाना है। इसके अलावा पौष्टिक आहार की कमी तथा दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा उतराई व चढ़ाई करना भी ज्वाइंट पेन का कारण है। ज्वाइंट पेन से बचने के लिए ज्यादा वजन न उठाएं तथा पौष्टिक आहार लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed