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पूर्व सैनिक पिछले तीन माह से कैंटीन सेवा से महरूम
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:42 PM IST
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ेजयसिंहपुर (कांगड़ा)। जयसिंहपुर के लगभग आठ हजार पूर्व सैनिक तीन महीने से आर्मी कैंटीन से भी महरूम हैं। जयसिंहपुर में चार साल से पूर्व सैनिक को कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन आर्मी ने अस्पताल पालमपुर ने पिछले करीब तीन महीने से इस कैंटीन से किनारा कर लिया है।
यह कैंटीन आर्मी अस्पताल पालमपुर चलाता था। पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कर्नल दीवान चंद राणा ने बताया कि पहले इस कैंटीन को मिलिट्री अस्पताल पालमपुर चलाता था। अब नए सीईओ ने 26 यूनिट रेजीमेंट को चलाने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक पूर्व फौजी इस सेवा से महरूम हैं। उन्होंने अपनी तरफ से फौज को एक कार्यालय को पत्र लिखकर फिर से यह सुविधा देने की मांग की है, लेकिन तीन महीने से यहां के फौजी पालमपुर में भी कैंटीन का सामान नहीं ले पा रहे है। पालमपुर कैंटीन में कहा जाता है कि जयसिंहपुर इलाके की कैंटीन जयसिंहपुर में है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर के इलाके के करीब आठ हजार फौजी परिवार पालमपुर और योल अस्पताल पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर की एक्स सर्विसेज लीग कई सालों से अस्पताल और स्कूल के लिए लिखा पड़ी कर रही है, पर अभी तक स्कूल की मंजूरी नहीं मिली जबकि सासंद शांता कुमार ने जयसिंहपुर के पूर्व सैनिकों को सेंटर स्कूल का वायदा किया है, लेकिन अभी तक यह भी पूरा नहीं हो सका हैं। इस कारण लोगों को बच्चों की शिक्षा के लिए योल और पालमपुर जाना पड़ता है।
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यह कैंटीन आर्मी अस्पताल पालमपुर चलाता था। पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कर्नल दीवान चंद राणा ने बताया कि पहले इस कैंटीन को मिलिट्री अस्पताल पालमपुर चलाता था। अब नए सीईओ ने 26 यूनिट रेजीमेंट को चलाने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक पूर्व फौजी इस सेवा से महरूम हैं। उन्होंने अपनी तरफ से फौज को एक कार्यालय को पत्र लिखकर फिर से यह सुविधा देने की मांग की है, लेकिन तीन महीने से यहां के फौजी पालमपुर में भी कैंटीन का सामान नहीं ले पा रहे है। पालमपुर कैंटीन में कहा जाता है कि जयसिंहपुर इलाके की कैंटीन जयसिंहपुर में है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर के इलाके के करीब आठ हजार फौजी परिवार पालमपुर और योल अस्पताल पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि जयसिंहपुर की एक्स सर्विसेज लीग कई सालों से अस्पताल और स्कूल के लिए लिखा पड़ी कर रही है, पर अभी तक स्कूल की मंजूरी नहीं मिली जबकि सासंद शांता कुमार ने जयसिंहपुर के पूर्व सैनिकों को सेंटर स्कूल का वायदा किया है, लेकिन अभी तक यह भी पूरा नहीं हो सका हैं। इस कारण लोगों को बच्चों की शिक्षा के लिए योल और पालमपुर जाना पड़ता है।
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