{"_id":"5beefd2cbdec22697c0a993f","slug":"81542389036-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन में पर्यटकों को लेकर दौड़ा भाप इंजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन में पर्यटकों को लेकर दौड़ा भाप इंजन
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य पृष्ठ के लिए प्रस्तावित
-------------------------------------
पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन
में पर्यटकों को लेकर दौड़ा भाप इंजन
- इंग्लैंड के एक दर्जन पर्यटकों ने बुक करवाया था स्टीम इंजन
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ(कांगड़ा)। विदेशी मेहमानों को लेकर रेलवे का भाप इंजन पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर दौड़ा। सात समंदर पार से आए एक दर्जन विदेशी मेहमानों को लेकर भाप इंजन के दो सुसज्जित डिब्बे पालमपुर मारंडा से बैजनाथ पपरोला रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए। इस रेल ट्रैक पर यह इंजन पहली बार पर्यटन की दृष्टि से अपने सफर पर निकला। भाप इंजन का ट्रायल कई माह के इंतजार के बाद पिछले माह ही पूरा हुआ था। करीब 40 के दशक में बने इस भाप इंजन को पर्यटन की दृष्टि से पहली बार पपरोला लाया गया। इस सफर के लिए इंग्लैंड के एक दर्जन लोगों ने करीब डेढ़ लाख रुपये में बुक किया था। हिमाचल में पर्यटन पैकेज को लेकर आए विदेशी मेहमानों ने इस पहल की सराहना करते हुए यादगार अनुभव बताया। उनका कहना था कि इंग्लैंड में वर्तमान में एक दर्जन से अधिक नैरोगेज रेल ट्रैक सहेज कर रखे गए हैं। इसकी यात्रा का अनुभव बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को भी इस नैरोगेज लाईन को आने बाली पीढ़ियों के लिए सहेज कर रखना चाहिए। इंजन चालक मते चंद ने कहा कि भाप इंजन के सुचारु रहने पर इसमें खराबी के मौके बहुत कम हो जाते हैं। भाप इंजन को कोई भी व्यक्ति निर्धारित किराया अदा करके बुक करवा सकता है। इसे पर्यटकों की मांग के अनुरूप ट्रैक पर कहीं भी रोका जा सकता है।
---
विज्ञापन
-------------------------------------
पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन
में पर्यटकों को लेकर दौड़ा भाप इंजन
- इंग्लैंड के एक दर्जन पर्यटकों ने बुक करवाया था स्टीम इंजन
अमर उजाला ब्यूरो
बैजनाथ(कांगड़ा)। विदेशी मेहमानों को लेकर रेलवे का भाप इंजन पहली बार कांगड़ा घाटी रेलवे लाइन पर दौड़ा। सात समंदर पार से आए एक दर्जन विदेशी मेहमानों को लेकर भाप इंजन के दो सुसज्जित डिब्बे पालमपुर मारंडा से बैजनाथ पपरोला रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए। इस रेल ट्रैक पर यह इंजन पहली बार पर्यटन की दृष्टि से अपने सफर पर निकला। भाप इंजन का ट्रायल कई माह के इंतजार के बाद पिछले माह ही पूरा हुआ था। करीब 40 के दशक में बने इस भाप इंजन को पर्यटन की दृष्टि से पहली बार पपरोला लाया गया। इस सफर के लिए इंग्लैंड के एक दर्जन लोगों ने करीब डेढ़ लाख रुपये में बुक किया था। हिमाचल में पर्यटन पैकेज को लेकर आए विदेशी मेहमानों ने इस पहल की सराहना करते हुए यादगार अनुभव बताया। उनका कहना था कि इंग्लैंड में वर्तमान में एक दर्जन से अधिक नैरोगेज रेल ट्रैक सहेज कर रखे गए हैं। इसकी यात्रा का अनुभव बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को भी इस नैरोगेज लाईन को आने बाली पीढ़ियों के लिए सहेज कर रखना चाहिए। इंजन चालक मते चंद ने कहा कि भाप इंजन के सुचारु रहने पर इसमें खराबी के मौके बहुत कम हो जाते हैं। भाप इंजन को कोई भी व्यक्ति निर्धारित किराया अदा करके बुक करवा सकता है। इसे पर्यटकों की मांग के अनुरूप ट्रैक पर कहीं भी रोका जा सकता है।
---