फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   एक साल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे से लगे सिर्फ भूमिगत कूड़ेदान

एक साल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे से लगे सिर्फ भूमिगत कूड़ेदान

Fri, 29 Dec 2017 11:42 PM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:42 PM IST
विज्ञापन
एक साल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे से लगे सिर्फ भूमिगत कूड़ेदान
हरीश चंद्र
विज्ञापन

धर्मशाला। परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) न मिलने के कारण पूरे देश में सूबे का एक मात्र स्मार्ट सिटी पोजेक्ट पिछड़ गया है। इसके लिए केंद्र सरकार के आवासीय एवं शहरी विकास मंत्रालय ने भी लताड़ लगाई है। एक साल में धर्मशाला शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के पैसे से सिर्फ भूमिगत कूड़ादान ही स्थापित हुए हैं। अक्तूबर 2016 के अंत तक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला को 208 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था, लेकिन परियोजना प्रबंधन सलाहकार न मिलने के कारण विकास कार्यों को गति नहीं मिल पाई है।
इनसेट
कब क्या हुआ
जुलाई 2016 में धर्मशाला के लिए स्मार्ट सिटी की घोषणा हुई। अगस्त 2016 में स्मार्ट सिटी के लिए कंपनी का गठन किया गया। अक्तूबर के अंत तक केंद्र और प्रदेश सरकार से 208 करोड़ रुपये के राशि जारी हुई। इसी महीने परियोजना प्रबंधन सलाहकार के लिए टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई गई, लेकिन सिर्फ एक ही आवेदन आने के कारण टेंडर रद्द हुआ। उसके बाद रिटेंडरिंग की गई। 10 सितंबर 2017 में परियोजना प्रबंधन सलाहकार तय होने के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना का काम आगे बढ़ाना शुरू हुआ।
विज्ञापन

73 सब प्रोजेक्टों पर होना है काम
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत धर्मशाला शहर में 73 सब प्रोजेक्टों पर काम होना है, लेकिन अभी तक धतराल पर सिर्फ भूमिगत कूड़ादान लगे हैं। भूमिगत कूड़ादान लगाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। भूमिगत कूड़ादान भी बिना सेंसर के लगा दिए हैं, जबकि उसमें प्रोजेक्ट के तहत भूमिगत कूड़ादानों में सेंसर लगाने का भी प्रावधान था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
केंद्र सरकार ने लगाई लताड़
केंद्र सरकार के आवासीय एवं शहरी विकास मंत्रालय ने इसी सप्ताह दिल्ली में स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा बैठक की। जिसमें धर्मशाला और गुवाहाटी स्मार्ट सिटी की परियोजना में विकास कार्य न के बराबर होने का मामला सामने आया है। जिसके लिए स्मार्ट सिटी धर्मशाला को भी लताड़ लगी है।

कोट्स
परियोजना प्रबंधन सलाहकार न मिलने के कारण विकास कार्य समय पर शुरू नहीं हो पाए हैं। अब पीएमसी मिलने के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना के काम को गति दी जाएगी।
-विजय कुमार, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed