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आरटीई नियमों को दिखया ठेंगा, प्राइवेट स्कूल ने फेल किया छात्र
Updated Tue, 13 Mar 2018 11:45 PM IST
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राकेश भारद्वाज
धर्मशाला। उपमंडल धर्मशाला के एक निजी स्कूल में शिक्षा का अधिकार नियम को सरेआम ठेंगा दिखा दिया गया है। एक निजी स्कूल ने 31 दिसंबर को घोषित किए वार्षिक परीक्षा परिणाम में छठी कक्षा के छात्र को फेल कर दिया है। छात्र को फेल करने का मामला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के समक्ष पहुंचा।
अभिभावक की शिकायत के आधार पर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने निजी स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हालांकि, एक मार्च को भेजे गए नोटिस का अभी तक स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को जवाब नहीं दिया है, लेकिन निजी स्कूल में छठी कक्षा में बच्चे को फेल करने के मामले से एक बार फिर निजी स्कूलों की कारगुजारी सामने आई है।
इनसेट....
फेल नहीं करना तो बदलो स्कूल
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा दी शिकायत में अगर अभिभावक की मानें तो उनके बच्चे को फेल करने के बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें स्कूल बदलने की नसीहत दी। अब अगर बच्चा स्कूल बदलता है तो उसे आगामी कक्षा में बैठने का सर्टिफिकेट स्कूल दे देगा, जबकि बच्चा अगर उसी स्कूल में पढ़ाई करता है तो उसे छठी कक्षा में बैठना पड़ेगा।
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क्या कहते हैं आरटीई नियम
शिक्षा का अधिकार नियम के तहत पहली से आठवीं तक के बच्चों को स्कूल में फेल नहीं किया जाएगा। फिर भी बच्चा यदि कक्षा के अनुसार परफार्मेंस नहीं देता तो उसके अभिभावकों को विश्वास में लेकर बच्चे को फेल किया जा सकता है।
-एक निजी स्कूल में छठी कक्षा के बच्चे को फेल करने की शिकायत आई है। इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
- दीपक किनायत, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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धर्मशाला। उपमंडल धर्मशाला के एक निजी स्कूल में शिक्षा का अधिकार नियम को सरेआम ठेंगा दिखा दिया गया है। एक निजी स्कूल ने 31 दिसंबर को घोषित किए वार्षिक परीक्षा परिणाम में छठी कक्षा के छात्र को फेल कर दिया है। छात्र को फेल करने का मामला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के समक्ष पहुंचा।
अभिभावक की शिकायत के आधार पर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने निजी स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हालांकि, एक मार्च को भेजे गए नोटिस का अभी तक स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को जवाब नहीं दिया है, लेकिन निजी स्कूल में छठी कक्षा में बच्चे को फेल करने के मामले से एक बार फिर निजी स्कूलों की कारगुजारी सामने आई है।
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फेल नहीं करना तो बदलो स्कूल
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा दी शिकायत में अगर अभिभावक की मानें तो उनके बच्चे को फेल करने के बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें स्कूल बदलने की नसीहत दी। अब अगर बच्चा स्कूल बदलता है तो उसे आगामी कक्षा में बैठने का सर्टिफिकेट स्कूल दे देगा, जबकि बच्चा अगर उसी स्कूल में पढ़ाई करता है तो उसे छठी कक्षा में बैठना पड़ेगा।
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क्या कहते हैं आरटीई नियम
शिक्षा का अधिकार नियम के तहत पहली से आठवीं तक के बच्चों को स्कूल में फेल नहीं किया जाएगा। फिर भी बच्चा यदि कक्षा के अनुसार परफार्मेंस नहीं देता तो उसके अभिभावकों को विश्वास में लेकर बच्चे को फेल किया जा सकता है।
-एक निजी स्कूल में छठी कक्षा के बच्चे को फेल करने की शिकायत आई है। इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है।
- दीपक किनायत, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा