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विकास की बात

Sun, 05 Dec 2021 11:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 11:45 PM IST
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70 kms from Holi-Uttara road
बैजनाथ (कांगड़ा)। पर्यटन और सुविधा की दृष्टि से अहम माने जाने वाले होली-उतराला मार्ग के कार्य को नए वर्ष में पंख लगने वाले हैं। 20 वर्षों से अधिक समय से लंबित चल रहे इस मार्ग के कार्य के लिए 6 दिसंबर सोमवार को टेंडर लगने वाला है।
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लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधियों की मानें तो नए वर्ष के जनवरी माह में उतराला से आगे 13 किलोमीटर के मार्ग का कार्य नाबार्ड के तहत शुरू हो जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा और चंबा जिला की दूरी 300 किलोमीटर से कम होकर मात्र 70 किलोमीटर रह जाएगी। इस मार्ग के निर्माण से कांगड़ा जिले के नूरपुर, शाहपुर, धर्मशाला, पालमपुर, नगरोटा, बैजनाथ, जयसिंहपुर और सुलह विधानसभा क्षेत्रों में रह रहे गद्दी समुदाय के हजारों लोगों को सुविधा प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त मार्ग के निर्माण से क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर हजारों बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। वहीं, गद्दी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष गोकुल ठाकुर का कहना है कि मार्ग के निर्माण से समुदाय के हजारों लोगों को सुविधा प्राप्त होगी।
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1998 में पूर्व विधायक ने जारी की थी राशि
1998 में भाजपा सरकार के कार्यकाल के समय पूर्व विधायक दूलो राम के प्रयासों से इस मार्ग के निर्माण के लिए पहली बार डेढ़ करोड़ की राशि जारी हुई थी और इस राशि से करीब चार किलोमीटर कच्चे मार्ग का निर्माण संभव हो सका था। बाद के वर्षों में इस मार्ग का निर्माण मात्र घोषणाओं तक सीमित रहा है। अब एक बार फिर से उतराला से आगे वकेलूड तक के 13 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 13 करोड़ 50 लाख की राशि स्वीकृत होने के साथ-साथ इस भाग की फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी मिल चुकी है।
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20 किलोमीटर मार्ग को फारेस्ट क्लीयरेंस की जरूरत
बैजनाथ डिवीजन के तहत आने वाले वकेलूड से आगे के 20 किलोमीटर मार्ग की फॉरेस्ट क्लीयरेंस की दरकार है, जिसे जल्द मिलने की उम्मीद है। मार्ग के इस भाग की फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए देहरादून स्थित डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेस्ट में दो बैठकों का आयोजन किया जा चुका है और जल्द ही होने वाली तीसरी बैठक में इस भाग के लिए भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल जाएगी। इस बीस किलोमीटर मार्ग के लिए 20 करोड़ की डीपीआर भी तैयार की जा चुकी है। उधर, भरमौर डिवीजन के तहत आने वाले 33 किलोमीटर मार्ग में से लाके बाली माता तक का 15 किलोमीटर तक का मार्ग बनकर तैयार हो चुका है।
प्राथमिकता में शामिल है सड़क निर्माण : प्रेमी
विधायक मुल्क राज प्रेमी ने मार्ग के निर्माण के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस करवाने और राशि स्वीकृत किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग का निर्माण कार्य उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और जल्द ही इसका कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके भारद्वाज ने बताया कि उतराला से आगे के 13 किलोमीटर मार्ग के लिए सोमवार को टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं और आगे के मार्ग की डीपीआर तैयार की गई है । इसकी फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी जल्द मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जनवरी के पहले माह में मार्ग के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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