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स्मार्ट सिटी कंपनी के पर कतरे

Thu, 03 May 2018 12:20 AM IST
Updated Thu, 03 May 2018 12:20 AM IST
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स्मार्ट सिटी कंपनी के पर कतरे

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हिमाचल सरकार ने कतरे स्मार्ट सिटी कंपनी के पर
10 करोड़ रुपये से बड़े प्रोजेक्टों की स्वीकृति की शक्तियां बीओडी से छीनीं
एमडी पांच और बीओडी 10 करोड़ के प्रोजेक्टों को ही दे सकते हैं स्वीकृति
कुछ अफसर बोले- सरकार की पैसा नियंत्रण में करने की मंशा समझ से परे
सुनील चड्ढा
धर्मशाला।
पांच वर्ष में स्मार्ट सिटी बनाने का मिशन लेकर चल रही स्मार्ट सिटी कंपनी के जयराम सरकार ने पर कतर दिए हैं। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) से कई शक्तियां छीन ली हैं। अब बीओडी दस करोड़ रुपये से बड़े प्रोजेक्टों को स्वीकृति नहीं दे सकती। 21 अप्रैल को शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से एमडी स्मार्ट सिटी को सरकार ने इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। पहले सभी परियोजना को स्वीकृति देने की शक्तियां बीओडी के पास थीं। अब एमडी को 5 करोड़ और बीओडी को 5 से 10 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट स्वीकृत करने तक ही सीमित कर दिया है। 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट स्वीकृत करने की शक्तियां अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर अपने पास रख ली हैं।
नाम न छापने की शर्त पर राज्य और केंद्र सरकार के कुछ अफसरों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ऐसा इसलिए किया, ताकि वह स्मार्ट सिटी के पैसे को अपने नियंत्रण में रख सके। कुछ अफसरों ने सरकार की मंशा को समझ से परे बताया। स्मार्ट सिटी में अभी तक सिर्फ करीब 22 करोड़ रुपये का हिस्सा देने वाली प्रदेश सरकार पैसे पर नियंत्रण क्यों रखना चाह रही है, इस पर सवाल उठने लगे हैं।
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स्मार्ट सिटी मिशन गाइडलाइंस की अवहेलना
सरकार ने 24 जून, 2016 को केंद्र की गाइडलाइंस का पालन करते हुए धर्मशाला में स्मार्ट सिटी प्रस्ताव को अमल में लाने के लिए कंपनी एक्ट 2013 के तहत एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल कमेटी) का गठन किया था। इसे धर्मशाला स्मार्ट सिटी लिमिटेड का नाम दिया गया। इसका काम प्रोजेक्टों की प्लानिंग, उनको अमल में लाना, मूल्यांकन, स्वीकृति और फंड देना, प्रबंधन, संचालन और निगरानी करना था। एसपीवी को प्रोजेक्टों के संचालन में निर्णय लेने की स्वायत्तता और स्वतंत्रता मिली। इसमें यह भी था कि स्मार्ट सिटी कंपनी का सीईओ और एमडी केंद्र की अनुमति बिना 3 वर्ष तक ट्रांसफर नहीं होगा।
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पारदर्शिता लाने को लिया निर्णय : सरवीण
शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मिशन को तय समय पर पूरा करने और उसमें पारदर्शिता लाने के लिए अधिसूचना जारी की गई है।
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हमने शक्तियां छीनी नहीं, सिर्फ बांटी हैं : संयुक्त सचिव
शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि हमने गाइडलाइंस की अवहेलना नहीं की है। पहली बैठक में खुद बीओडी ने सरकार को अपनी शक्तियां दे दी थीं। केंद्र की गाइडलांइस तो मोटी-मोटी चीजों को लेकर है। फाइनल डिटेल राज्य सरकार को ही वर्कआउट करनी होती है। सरकार ने बीओडी को शक्तियां देने वाली पुरानी अधिसूचना रद्द नहीं की, बल्कि बड़े प्रोजेक्टों के बेहतर संचालन के लिए शक्तियां बांटीं हैं।

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हमने किसी को नहीं दीं शक्तियां : मेयर
नगर निगम धर्मशाला की मेयर रजनी व्यास ने कहा कि बीओडी की किसी भी बैठक में हमने अपनी शक्तियां सरकार को नहीं दी हैं। सरकारी अधिकारी झूठ बोल रहे हैं।
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राष्ट्रीय मिशन निदेशक बोले - नहीं हो सकती अवहेलना
स्मार्ट सिटी के राष्ट्रीय मिशन निदेशक समीर शर्मा ने कहा कि गाइडलाइंस की अवहेलना किसी भी सूरत में नहीं की जा सकती है। अगर ऐसा हुआ है तो इसे चेक किया जाएगा।
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