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एमडी झूठ बोल रहे या चेयरमैन
Updated Fri, 02 Mar 2018 12:12 AM IST
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सुनील चड्ढा
धर्मशाला। केसीसी बैंक में एनपीए घटाने और बढ़ाने की पोल खुद प्रबंधन ने ही खोल दी है। केसीसी बैंक के एमडी पीसी अकेला और चेयरमैन जगदीश सिपहिया आधिकारिक रूप से अलग-अलग नेट एनपीए बता रहे हैं। चेयरमैन जगदीश सिपेहिया मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 13.42 फीसदी बता रहे हैं। एमडी पीसी अकेला बैंक का नेट एनपीए मार्च 2017 में 16.25 बता रहे हैं। एमडी यह भी बता रहे हैं कि अब नेट एनपीए घटकर जनवरी 2018 में 14.6 फीसदी रह गया है। यहां समझना मुश्किल यह हो रहा है कि हिमाचल की जनता, सरकार, बैंक कर्मी, नाबार्ड और आरबीआई चेयरमैन जगदीश सिपहिया के नेट एनपीए को सही माने या एमडी के। नेट एनपीए का आकलन बैंक के कर्मचारी करते हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि कर्मचारियों ने चेयरमैन और एमडी को नेट एनपीए के अलग अलग आंकड़े क्यों दिए। सवाल यह भी उठ रहा है कि नेट एनपीए को लेकर क्या चेयरमैन झूठ बोल रहे हैं या एमडी। 26 फरवरी की बीओडी की बैठक में चेयरमैन और एमडी के बीच खटास खुलकर सामने आ गई थी। केसीसी बैंक के एमडी पीसी अकेला ने कहा कि मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 16.25 फीसदी था। उधर, चेयरमैन जगदीश सिपहिया का कहना है कि मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 13.42 फीसदी था।
चेयरमैन के खिलाफ आरसीएस के पास पहुंची फाइल
चेयरमैन जगदीश सिपहिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की फाइल रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी धर्मशाला पहुंच गई है। केसीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने एक माह पहले जयराम सरकार को पत्र लिखकर सिपहिया के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। जांच को आगे बढ़ाने से पहले जयराम सरकार ने रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटी धर्मशाला को कमेंट के लिए फाइल भेजी है। अब आरसीएस ने केसीसी बैंक प्रबंधन से आरोपों पर बिंदु वार कमेंट मांगे हैं। बैंक प्रबंधन से मामले के संबंध में कमेंट मांगने की पुष्टि एडिशनल रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटी बलबीर ठाकुर ने की है।
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धर्मशाला। केसीसी बैंक में एनपीए घटाने और बढ़ाने की पोल खुद प्रबंधन ने ही खोल दी है। केसीसी बैंक के एमडी पीसी अकेला और चेयरमैन जगदीश सिपहिया आधिकारिक रूप से अलग-अलग नेट एनपीए बता रहे हैं। चेयरमैन जगदीश सिपेहिया मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 13.42 फीसदी बता रहे हैं। एमडी पीसी अकेला बैंक का नेट एनपीए मार्च 2017 में 16.25 बता रहे हैं। एमडी यह भी बता रहे हैं कि अब नेट एनपीए घटकर जनवरी 2018 में 14.6 फीसदी रह गया है। यहां समझना मुश्किल यह हो रहा है कि हिमाचल की जनता, सरकार, बैंक कर्मी, नाबार्ड और आरबीआई चेयरमैन जगदीश सिपहिया के नेट एनपीए को सही माने या एमडी के। नेट एनपीए का आकलन बैंक के कर्मचारी करते हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि कर्मचारियों ने चेयरमैन और एमडी को नेट एनपीए के अलग अलग आंकड़े क्यों दिए। सवाल यह भी उठ रहा है कि नेट एनपीए को लेकर क्या चेयरमैन झूठ बोल रहे हैं या एमडी। 26 फरवरी की बीओडी की बैठक में चेयरमैन और एमडी के बीच खटास खुलकर सामने आ गई थी। केसीसी बैंक के एमडी पीसी अकेला ने कहा कि मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 16.25 फीसदी था। उधर, चेयरमैन जगदीश सिपहिया का कहना है कि मार्च 2017 में बैंक का नेट एनपीए 13.42 फीसदी था।
चेयरमैन के खिलाफ आरसीएस के पास पहुंची फाइल
चेयरमैन जगदीश सिपहिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की फाइल रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी धर्मशाला पहुंच गई है। केसीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन रसील सिंह मनकोटिया ने एक माह पहले जयराम सरकार को पत्र लिखकर सिपहिया के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। जांच को आगे बढ़ाने से पहले जयराम सरकार ने रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटी धर्मशाला को कमेंट के लिए फाइल भेजी है। अब आरसीएस ने केसीसी बैंक प्रबंधन से आरोपों पर बिंदु वार कमेंट मांगे हैं। बैंक प्रबंधन से मामले के संबंध में कमेंट मांगने की पुष्टि एडिशनल रजिस्ट्रार को ऑपरेटिव सोसायटी बलबीर ठाकुर ने की है।
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