फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   गेंहू पर पालमपुर में चर्चा करेंगे सात देशों के वैज्ञानिक

गेंहू पर पालमपुर में चर्चा करेंगे सात देशों के वैज्ञानिक

Fri, 08 Feb 2019 11:02 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 11:02 PM IST
विज्ञापन
गेंहू पर पालमपुर में चर्चा करेंगे सात देशों के वैज्ञानिक
पालमपुर में गेहूं पर चर्चा करेंगे सात देशों के वैज्ञानिक
विज्ञापन

कृृषि विवि पालमपुर में तीन दिन तक चलेगा अंतरराष्ट्रीय सेमिनार
देश-विदेश के 200 वैज्ञानिक लेंगे सेमिनार में भाग
विनोद राणा
पालमपुर (कांगड़ा)। गेहूं की उत्पादकता को लेकर कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में सात देशों के 200 वैज्ञानिक मंथन करेंगे। विवि में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में न केवल वैज्ञानिक गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने के शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे, बल्कि जलवायु परिवर्तन के गेहूं की उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी अपने विचार रखेंगे।

विवि में 14 से 16 फरवरी तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भारत समेत इंग्लैंड, ऑस्टेलिया, कैनेडा, मैक्सिको, जॉर्डन, मोरक्को आदि देशों के वैज्ञानिक भाग लेंगे। सेमिनार इसलिए भी अहम है क्योंकि देश-विदेश के वैज्ञानिक पांच साल में एक बार इस प्रकार की बैठक करते हैं और इस बार इसके लिए भारत को चुना गया है। इसका आयोजन भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल और गेहूं और जौ विकास सोसायटी के माध्यम से हो रहा है। इस बार के सेमिनार का मुख्य विषय जलवायु अनुकूल गतिविधियों से गेहूं उत्पादन में वृद्धि मुख्य विषय रखा गया है। इसके तहत छह उप-विषयों में आनुवांशिकी उपायों की ओर से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों में अनुकूलता लाना, बदलते जलवायु परिवेश में जैविक दबाव, बदलते जलवायु परिवेश के संबंध में अजैविक दबाव, उत्पादकता वृद्धि के लिए संसाधनों की पहचान, बदलती, खाद्य आदतें और जलवायु परिवर्तन के अनुसार उपज मूल्य संबर्धन और टिकाउ खेती अपनाने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभाव शामिल होंगे। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, समन्वित, सामयिक और आधुनिक तकनीकों को अपनाना चर्चा के मुख्य बिंदु होंगे। उधर, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने कहा कि विवि में गेहूं विषय पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार 14 से 16 फरवरी तक चलेगा। इसमें देश-विदेश के 200 वैज्ञानिक भाग लेंगे। जलवायु प्रभावों पर इस चर्चा में स्नातकोतर विद्यार्थियों को भी शोध में सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है ताकि वे
विज्ञापन

विश्व के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों से चर्चा कर नवीनतम तकनीकों का ज्ञान ले सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed