{"_id":"5acd03ef4f1c1bd73d8b46b7","slug":"41523385327-kangra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाजार बंद, छात्रों ने शहर में कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाजार बंद, छात्रों ने शहर में कैंडल मार्च
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
बाजार बंद, छात्रों ने शहर में निकाला कैंडल मार्च
नूरपुर(कांगड़ा)। नूरपुर के पास मलकवाल-ठेहड़ संपर्क मार्ग पर हुए स्कूल बस हादसे के दूसरे दिन भी पूरे क्षेत्र में हर तरफ मातम पसरा रहा। हर किसी की जुवान पर मासूम बच्चों के साथ पेश आए रूह को कंपाने वाले हादसे की दर्दनाक दास्तां की चर्चा रही और हर कोई अकाल मौत का ग्रास बने जिगर के टुकड़ों के लिए पसीजता दिखा। मंगलवार को नूरपुर समेत जसूर, सदवां, मलकवाल के बाजार शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताने के लिए दिन भर बंद रहे। जहां तक कि रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों के साथ-साथ खोखे तक बंद रहे। वहीं, खुबाड़ा में बच्चों के संस्कार में परिवार और गांव वालों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग इन जिगर के टुकड़ों को अंतिम विदाई देने पहुंचे। नूरपुर बार एसोसिएशन के वकीलों ने भी इस हादसे को लेकर बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए कामकाज ठप रखा, जबकि नूरपुर कॉलेज के छात्रों ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर मलकवाल बस हादसे में अकाल मौत का ग्रास बने मासूम बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं, एमसीएम डीएवी स्कूल बागनी (नूरपुर) में भी दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। मंगलवार शाम को नूरपुर पब्लिक स्कूल नूरपुर में भी स्कूल बस हादसे के शिकार बच्चों की आत्मा की शांति के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। वहीं, नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया की अपील पर नूरपुर टैक्सी यूनियन ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को घरों तक निशुल्क पहुंचाया।
विज्ञापन
नूरपुर(कांगड़ा)। नूरपुर के पास मलकवाल-ठेहड़ संपर्क मार्ग पर हुए स्कूल बस हादसे के दूसरे दिन भी पूरे क्षेत्र में हर तरफ मातम पसरा रहा। हर किसी की जुवान पर मासूम बच्चों के साथ पेश आए रूह को कंपाने वाले हादसे की दर्दनाक दास्तां की चर्चा रही और हर कोई अकाल मौत का ग्रास बने जिगर के टुकड़ों के लिए पसीजता दिखा। मंगलवार को नूरपुर समेत जसूर, सदवां, मलकवाल के बाजार शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताने के लिए दिन भर बंद रहे। जहां तक कि रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों के साथ-साथ खोखे तक बंद रहे। वहीं, खुबाड़ा में बच्चों के संस्कार में परिवार और गांव वालों के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी भारी संख्या में लोग इन जिगर के टुकड़ों को अंतिम विदाई देने पहुंचे। नूरपुर बार एसोसिएशन के वकीलों ने भी इस हादसे को लेकर बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए कामकाज ठप रखा, जबकि नूरपुर कॉलेज के छात्रों ने शहर में कैंडल मार्च निकालकर मलकवाल बस हादसे में अकाल मौत का ग्रास बने मासूम बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं, एमसीएम डीएवी स्कूल बागनी (नूरपुर) में भी दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। मंगलवार शाम को नूरपुर पब्लिक स्कूल नूरपुर में भी स्कूल बस हादसे के शिकार बच्चों की आत्मा की शांति के लिए शोक सभा का आयोजन किया गया। वहीं, नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया की अपील पर नूरपुर टैक्सी यूनियन ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को घरों तक निशुल्क पहुंचाया।