{"_id":"6aba84db5adfce61b60102c3","slug":"26-sacks-of-government-cement-have-turned-into-stone-while-waiting-for-development-kangra-news-c-95-1-kng1004-258475-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: विकास की राह तकते पत्थर बना 26 बोरी सरकारी सीमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: विकास की राह तकते पत्थर बना 26 बोरी सरकारी सीमेंट
Tue, 29 Sep 2026 08:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 29 Sep 2026 08:46 AM IST
विज्ञापन
ग्राम पंचायत डोल भटहेड़ के गांव बकान में खराब पड़ी सीमेंट की बोरियां। स्रोत : जागरूक पाठक
रैहन (कांगड़ा)। नगरोटा सूरियां विकास खंड की ग्राम पंचायत डोल भटहेड़ के गांव बकान में रास्ते के विकास की राह तकते-तकते सरकारी सीमेंट पत्थर में तब्दील हो गया। गांव में संपर्क रास्ते के निर्माण के लिए जनवरी 2026 में 26 बोरी सरकारी सीमेंट पहुंचाया गया था, लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी रास्ते का काम धरातल पर शुरू नहीं हो सका।
व्यवस्था की उपेक्षा का शिकार रही यह सामग्री बरसात और लगातार नमी की चपेट में आकर पूरी तरह जम गई। इससे सरकारी बजट पर सीधे पानी फिर गया है। सूत्रों के अनुसार पंचायत ने बकान गांव में रास्ते के निर्माण की योजना बनाकर जनवरी माह में सीमेंट की खेप मौके पर पहुंचाई थी। सामग्री पहुंचने के बाद न तो निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया और न ही सीमेंट को सुरक्षित रखने के लिए कोई बंदोबस्त किया गया।
महीनों तक लावारिस हालत में पड़े रहने के कारण सीमेंट की सभी बोरियां जमकर ठोस चट्टान बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते के बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलनी थी, वह काम तो अधूरा रहा ही, साथ ही जिम्मेदारों की लापरवाही से जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी हुई है।
विज्ञापन
सरकारी सामग्री के इस तरह बर्बाद होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, उपायुक्त कांगड़ा, एसडीएम जवाली और संबंधित विकास खंड अधिकारी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर काम न करवाने और सरकारी धन का नुकसान करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बकान गांव में सीमेंट खराब होने का मामला संज्ञान में आया है। पंचायत निरीक्षक को शीघ्र मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का मुआयना करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पंचायत निरीक्षक की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -मनोज शर्मा, बीडीओ, नगरोटा सूरियां
विज्ञापन
व्यवस्था की उपेक्षा का शिकार रही यह सामग्री बरसात और लगातार नमी की चपेट में आकर पूरी तरह जम गई। इससे सरकारी बजट पर सीधे पानी फिर गया है। सूत्रों के अनुसार पंचायत ने बकान गांव में रास्ते के निर्माण की योजना बनाकर जनवरी माह में सीमेंट की खेप मौके पर पहुंचाई थी। सामग्री पहुंचने के बाद न तो निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया और न ही सीमेंट को सुरक्षित रखने के लिए कोई बंदोबस्त किया गया।
विज्ञापन
महीनों तक लावारिस हालत में पड़े रहने के कारण सीमेंट की सभी बोरियां जमकर ठोस चट्टान बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते के बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलनी थी, वह काम तो अधूरा रहा ही, साथ ही जिम्मेदारों की लापरवाही से जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी हुई है।
विज्ञापन
सरकारी सामग्री के इस तरह बर्बाद होने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, पंचायती राज मंत्री, उपायुक्त कांगड़ा, एसडीएम जवाली और संबंधित विकास खंड अधिकारी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर काम न करवाने और सरकारी धन का नुकसान करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बकान गांव में सीमेंट खराब होने का मामला संज्ञान में आया है। पंचायत निरीक्षक को शीघ्र मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का मुआयना करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पंचायत निरीक्षक की विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -मनोज शर्मा, बीडीओ, नगरोटा सूरियां