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Kangra News: दाड़ी में 378 स्वयंसेवकों ने निकाला पथ संचलन, सामाजिक समरसता का दिया संदेश
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धर्मशाला के दाड़ी में आरसएस के पथ संचालन के दौरान प्रतिज्ञा लेते हुए स्वयंसेवक। अमर उजाला
- फोटो : udhampur news
धर्मशाला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विजयदशमी पर दाड़ी में पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 378 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
इस दौरान करीब 600 परिवारों से एकत्रित भोजन वितरित कर सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रांत के सह-प्रांत प्रचारक ओमप्रकाश ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन जरूरी है।
उन्होंने तकनीक के बढ़ते उपयोग के दौर में व्यक्ति के चिंतन और समझ को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त कर्नल रंजीत प्रधान ने की। उन्होंने कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है, जबकि सामाजिक संगठन देश की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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उन्होंने समाज में एकता और सौहार्द बनाए रखने के लिए सकारात्मक प्रयासों को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में बाल स्वयंसेवकों के गण ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, नगर के प्रबुद्धजन, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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इस दौरान करीब 600 परिवारों से एकत्रित भोजन वितरित कर सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रांत के सह-प्रांत प्रचारक ओमप्रकाश ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन जरूरी है।
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उन्होंने तकनीक के बढ़ते उपयोग के दौर में व्यक्ति के चिंतन और समझ को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त कर्नल रंजीत प्रधान ने की। उन्होंने कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है, जबकि सामाजिक संगठन देश की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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उन्होंने समाज में एकता और सौहार्द बनाए रखने के लिए सकारात्मक प्रयासों को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में बाल स्वयंसेवकों के गण ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, नगर के प्रबुद्धजन, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।